बलरामपुर: बेटी-दामाद समेत पूर्व सांसद हत्या व गैंगस्टर के आरोप से दोषमुक्त, एमपी-एमएलए विशेष अदालत का फैसला
उप्र के बलरामपुर से सपा के दो बार के सांसद रहे रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत को तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमेन की हत्या एवं गैंगस्ट के आरोप से एमपी एमएलए की विशेष अदालत ने दोषमुक्त करार दिया है।
बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट
बलरामपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर से समाजवादी पार्टी के दो बार के सांसद रहे रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज नेमत को तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमेन की हत्या एवं गैंगस्ट के आरोप से एमपी एमएलए की विशेष अदालत ने दोषमुक्त करार दिया है। जबकि इसी मामले में दो अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया गया है।
पूर्व सांसद के अधिवक्ता के जी श्रीवास्तव ने शुक्रवार को बताया कि 5 जनवरी 2022 की रात में नगर पंचायत तुलसीपुर के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद की हत्या के मामले में पूर्व सांसद रिजवान जहीर उनकी बेटी जेबा रिजवान एवं उनके दामाद रमीज नेमत को आरोपी बनाया गया था।
उन्होंने बताया कि इस मामले में दोनों तरफ से गवाह एवं साक्ष्य पेश किए गए। तमाम गवाहों एवं साक्ष्यों को देखते हुए एमपी एमएलए की विशेष अदालत ने दोनों पक्षों के साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान को देखते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार ने दोषमुक्त करार दिया है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दुश्मनी के कारण पूर्व सांसद एवं उनके परिवार को फसाया गया था लेकिन आज एक बार फिर इंसाफ़ की जीत हुई है और बेगुनाहों को न्याय मिला है। इसी मामले में दो अन्य आरोपियों पर दोषी करार दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप पांडे ने बताया कि फिरोज अहमद की हत्या के मामले में दो अन्य आरोपियों मेराजुल हक एवं महफूज को अदालत ने दोषी करार दिया है। उन्होंने बताया कि दोनों दोषियों के सजा का एलान मंगलवार को अदालत द्वारा किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 4 /5 जनवरी 2022 में तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की घर के सामने चाकुओं से गला काट कर हत्या कर दी गई थी जिसमें पुलिस ने पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान एवं उनके दामाद रमीज नेमत सहित 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
पूर्व सांसद रिजवान जहीर एवं उनके परिवार को दोषमुक्त किए जाने पर उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है और समर्थकों ने इसे इंसाफ की जीत करार दिया है।




