उरई: मुकेश सहनी के कार्यक्रम की अनुमति जारी होने के चार घंटे बाद निरस्त, कलेक्ट्रेट में दिया धरना
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी की संकल्प यात्रा का 45वाँ पड़ाव उप्र के जालौन जिले के उरई जायसवाल होटल में था जिसकी विधिवत अनुमति नगर मजिस्ट्रेट ने 23 अगस्त की दी थी।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी की संकल्प यात्रा का 45वाँ पड़ाव उप्र के जालौन जिले के उरई जायसवाल होटल में था जिसकी विधिवत अनुमति नगर मजिस्ट्रेट ने 23 अगस्त की दी थी।
जिसमें पांच सौ लोगों के आने की संभावना थी जो पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अच्छे लाल निषाद के नाम से शाम पांच बजकर चार मिनट पर जारी की गई थी। इसी तिथि को ठीक चार घंटे बाद नगर मजिस्ट्रेट ने 9 बजकर 5 मिनट में निरस्त कर दी गई। जबकि कार्यक्रम की पूरी तैयारी हो चुकी थी।
वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी को अवगत करा दिया गया था। सुबह होते होते सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता जुट गए। कार्यक्रम न होने के कारण कार्यकर्ताओं में आक्रोश था। मुकेश सहनी को भी गुस्सा आया। वो सीधे जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने पूरी बात रखी।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में निरस्त करने का जो कारण लिखा गया वो उचित नहीं ये पूर्व से कैसे प्रशासन तय करेगा कि भगदड़,वाद विवाद या अप्रिय घटना घटित हो सकती है।
जिलाधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया लेकिन मुकेश सहनी ने ऐलान किया कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती वह कलेक्ट्रेट परिसर में ही धरना देंगे । मुकेश सहनी ने जिलाधिकारी चैंबर के सामने लगी गोविंद बल्लभ पंत की मूर्ति के सामने धरने पर बैठ गए ।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो दिमागी नक्सल की बात की थी वह कलेक्ट्रेट में भरा हुआ है। यही नहीं जातिवाद का जहर भी अधिकारियों में समाया हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी ने अनुमति निरस्त की है, उसको पूरा खर्च भुगतान करना होगा। अनुमति देने के बाद क्यों निरस्त की गई जो कारण उसमें निरस्त करने का इंगित किया गया है वो बेबुनियाद है।
उन्होंने कहा कि भाजपा घबड़ाई हुई है बाबा साहब के संविधान को नहीं मानती देश संविधान से चलता है। वीरांगना फूलन देवी की धरती पर केवट, निषादों को उनका हक दिलाने के लिए कार्यक्रम हो रहा था उन्होंने आवाहन किया कि भाजपा को तब तक वोट नहीं करना जब तक आरक्षण निषाद, केवट को न मिल जाय।
उन्होंने कहा कि भाजपा दलित,पिछड़ों का सम्मान नहीं करती इस सरकार में बैठे अधिकारी भी सरकार की भाषा बोलने लगते है उनको मालूम नहीं सरकारें आती जाती है अधिकारी जहां भी रहेगा उसको भुगतना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की शह पर अधिकारियों ने जो किया वो ठीक नहीं किया देश गुलाम नहीं आजाद है। उन्होंने कहा कि हमारी संकल्प यात्रा में जालौन में व्यवधान किया गया इसके लिए कार्यकर्ताओं को गंगाजल हाथ में देकर कसम खिलाई गई भाजपा को वोट नहीं देंगे सैकड़ों लोगों ने एक साथ शपथ ली।
मुकेश सहनी ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री सभी को जनता वोट करती है तभी बनते है उसी जनता पर अत्याचार अधिकारी कर रहा है संविधान को ताक पर रखा जा रहा है । उन्होंने कहा अधिकारी सरकारी कार्य को छोड़कर राजनैतिक दलों का कार्य कर रहे है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आवाहन किया कि आप सभी गांव गांव जाकर यह प्रचार करें कि जब तक केवट और निषादों को आरक्षण सरकार नहीं देती कोई भाजपा को वोट न करें। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि कोई भी अधिकारी हो सभी सरकार के अधीन होते है और सभी को बाबा साहेब के संविधान के मुताबिक कार्य करना पड़ता है ।







