चन्दौली: बारिश में गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबकर दो साल के मासूम की मौत

उप्र के चन्दौली जनपद के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कैथापुर-पथरा वार्ड नंबर 7 स्थित मुसहर बस्ती में रविवार देर रात बारिश के दौरान कच्चे मकान की मिट्टी की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई।

चन्दौली: बारिश में गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबकर दो साल के मासूम की मौत
Published By- Diwaker Mishra

चन्दौली से उमेश सिंह की रिपोर्ट

चन्दौली/जनमत न्यूज़। उप्र के चन्दौली जनपद के मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कैथापुर-पथरा वार्ड नंबर 7 स्थित मुसहर बस्ती में रविवार देर रात बारिश के दौरान कच्चे मकान की मिट्टी की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे की चपेट में आने से दो वर्षीय मासूम सेठी की मौत हो गई।

हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि बस्ती में मातम पसरा है। मृतक की पहचान सेठी (2 वर्ष), पुत्र शिवा और हीरावती कुमारी, निवासी सिकंदरपुर, थाना चकिया के रूप में हुई है। बताया गया कि मासूम अपने परिवार के साथ कैथापुर स्थित अपनी नानी के घर आया था।

इसी दौरान लगातार बारिश के बीच पोखरे के पास स्थित कच्चे मकान की मिट्टी की दीवार अचानक ढह गई और मासूम मलबे में दब गया। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे की सूचना के बाद प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवार से जानकारी ली।

मौके पर पहुंचे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने पीड़ित परिवार की स्थिति पर चिंता जताते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि परिवार का पूरा विवरण अधिकारियों को भेजा जाएगा और यह पता लगाया जाएगा कि पात्र होने के बावजूद अब तक परिवार को आवास सहित सरकारी सुविधाएं क्यों नहीं मिल सकीं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराकर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।

राणा प्रताप सिंह ने कहा कि गरीब परिवार को कच्चे मकान में रहने के लिए मजबूर होना गंभीर विषय है। उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए भी प्रशासन से मांग करने की बात कही।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी गरीब परिवारों को आवास और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते परिवार को पक्का आवास मिल गया होता तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। प्रशासन द्वारा मामले की जांच और पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।