प्रतापगढ़: महिला आयोग की सदस्य ने सुनी पीड़ित महिलाओं की समस्याएं, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश
उप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने प्रतापगढ़ जनपद के विकास भवन सभागार में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की जनसुनवाई की।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। उप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रतिभा कुशवाहा ने प्रतापगढ़ जनपद के विकास भवन सभागार में महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों की जनसुनवाई की।
इस दौरान 16 महिलाओं ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। आयोग सदस्य ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मामलों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में महिलाओं ने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर शोषण, संपत्ति विवाद, मानसिक उत्पीड़न, पेंशन और आवास योजना का लाभ न मिलने जैसी समस्याएं सामने रखीं।
प्रतिभा कुशवाहा ने शिकायतकर्ताओं को उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाते हुए कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए महिला आयोग पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है।
आयोग सदस्य ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद भी उनकी फॉलोअप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और शिकायतकर्ता को कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय, सुरक्षा और सम्मान उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
महिलाओं को संबोधित करते हुए प्रतिभा कुशवाहा ने कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न से पीड़ित महिला को डरने की आवश्यकता नहीं है। कानून महिलाओं के साथ है और महिला आयोग हर पीड़ित महिला की मदद के लिए खड़ा है।
उन्होंने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए जागरूक और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित महिला को न्याय दिलाना भी है।
जनसुनवाई के बाद महिला आयोग की सदस्य ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर महिलाओं की सुरक्षा, समस्याओं और कल्याण से जुड़े विषयों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी है। ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।
उन्होंने शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं और जरूरतमंद लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके जीवन स्तर में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति शाक्य, जिला प्रोबेशन अधिकारी रन बहादुर वर्मा, विधायक सदर प्रतिनिधि अरूण कुमार मौर्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।




