सहारनपुर: नदी का तेज बहाव में श्रद्धालु फंसे तो क्या होगा? पुलिस ने पहले ही कर लिया इंतजाम
उप्र के सहारनपुर जनपद में आगामी झण्डा मेला को सकुशल एवं सुरक्षित संपन्न कराने के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF, सिविल डिफेन्स एवं प्रशासन ने माता शाकुम्भरी देवी और भूरा देव मंदिर परिसर में संयुक्त मॉकड्रिल की।
सहारनपुर से अनिल वर्मा की रिपोर्ट
सहारनपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के सहारनपुर जनपद में आगामी झण्डा मेला को सकुशल एवं सुरक्षित संपन्न कराने के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF, सिविल डिफेन्स एवं प्रशासन ने माता शाकुम्भरी देवी और भूरा देव मंदिर परिसर में संयुक्त मॉकड्रिल की।
मॉकड्रिल का उद्देश्य मेले के दौरान किसी भी आकस्मिक आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल राहत-बचाव और सुरक्षित निकासी उपलब्ध कराने की तैयारियों को परखना रहा।
मॉकड्रिल में आपात स्थिति की परिकल्पना करते हुए पुलिस टीम ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से बाहर निकालने तथा भीड़ नियंत्रण का अभ्यास किया।
वहीं आपदा में प्रभावित दो व्यक्तियों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया गया और CPR देने का अभ्यास किया गया। इसके बाद एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की गई।
संभावित बारिश और नदी के तेज बहाव जैसी परिस्थितियों को देखते हुए SDRF और फायर ब्रिगेड की टीम ने पानी में फंसे व्यक्ति के रेस्क्यू का अभ्यास किया। रस्से के सहारे श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी और राहत-बचाव की प्रक्रिया भी परखी गई।
पुलिस अधीक्षक यातायात शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि थाना मिर्जापुर क्षेत्र में 13 से 26 सितंबर तक चलने वाले झण्डा मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयार किया जा रहा है।
मौके पर सीओ बेहट प्रिया यादव, एसडीएम बेहट विकास कुमार पाण्डेय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रताप सिंह और थाना प्रभारी मिर्जापुर विनोद कुमार समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।




