संभल: मुस्लिम महिला के बुर्का पहनकर कांवड़ लाने पर पाबंदी, पति ने प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल

उप्र के संभल की एसडीएम कोर्ट ने मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक के बुर्का पहनकर कांवड़ लाने पर पाबंदी लगाई। एसडीएम कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को नोटिस भेजा।

संभल: मुस्लिम महिला के बुर्का पहनकर कांवड़ लाने पर पाबंदी, पति ने प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल
Published By- Diwaker Mishra

संभल से रामव्रेश यादव की रिपोर्ट

संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल की एसडीएम कोर्ट ने मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक के बुर्का पहनकर कांवड़ लाने पर पाबंदी लगाई। एसडीएम कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को नोटिस भेजा। नोटिस में तमन्ना मलिक के बुर्का पहनकर कांवड़ लाने पर शांति भंग होने की आशंका जताई गई।

एसडीएम कोर्ट ने तमन्ना मलिक और उनके पति को एसडीएम कोर्ट में पेश होकर बुर्का पहनकर कांवड़ लाने की वजह बताने का आदेश जारी किया। छह महीने के लिए तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को 20-20 हजार रुपये के मुचलके से पाबंद किया गया। तमन्ना मलिक कल हरिद्वार से कांवड़ लेने जाएंगी। मामला संभल एसडीएम कोर्ट का है।

पूरा मामला संभल के असमोली थाना क्षेत्र के बदनपुर बसई गांव का है। यहां की रहने वाली तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 एवं 135 के तहत नोटिस जारी कर 20-20 हजार रुपये के मुचलके से पाबंद किया है।

दोनों के न्यायालय में उपस्थित न होने पर अब दोबारा नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगली बार भी पेश नहीं होने पर वारंट जारी किया जाएगा। यह कार्रवाई शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।

प्रशासन के मुताबिक, थाना असमोली से पिछले वर्ष की एक चालानी रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। रिपोर्ट में उल्लेख था कि अमन त्यागी और तमन्ना मलिक, जो अलग-अलग समुदाय से हैं, पिछले साल कांवड़ यात्रा में शामिल हुए थे। इससे क्षेत्र में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई थी।

एसडीएम के अनुसार दोनों को पहले 31 जुलाई 2026 को न्यायालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसी कारण उन्हें पुनः नोटिस जारी किया गया है।

तमन्ना मलिक के पति अमन त्यागी ने बताया की प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए, उन्होंने कहा कि पहले भी हमें एसडीएम की ओर से नोटिस मिला है। उन्होंने आपत्ति जताई कि हरिद्वार जाकर कांवड़ लाने में प्रशासन को क्या समस्या है, जबकि उन्हें सुरक्षा और सहयोग मिलना चाहिए।

उन्होंने बताया कि तमन्ना मलिक को महाराष्ट्र से एक महिला ने फोन पर एसिड अटैक की धमकी दी थी। उन्होंने सरकार से सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि वे हरिद्वार जाएंगे और गाजियाबाद की मुस्लिम महिला अनीशा बानो का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि संभल एसडीएम की तरफ से महाशिवरात्रि पर तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी पर बुर्के में कांवड़ लाने की पाबंदी लगाई गई है।

अमन त्यागी ने बताया कि पहले हमें प्रशासन की तरफ से भी नोटिस दिया गया था। हमें जिला मजिस्ट्रेट की तरफ से नोटिस मिला। हमें यह समझ में नहीं आ रहा कि यह नोटिस क्यों दिया जा रहा है, क्योंकि हम हरिद्वार जाना चाहते हैं।

मैं और मेरी वाइफ तमन्ना मलिक, दोनों ही पिछली बार भी कांवड़ लेकर आए थे। इस नोटिस के बाद जमानत कराने के लिए हम एसडीएम साहब के पास आए हैं। हमें इस बात से परेशानी हुई है कि कांवड़ लाने के लिए भी जमानत करानी पड़ रही है।

प्रशासन को जहां हमारी मदद करनी चाहिए थी, हमें सुरक्षा देनी चाहिए थी, क्योंकि हमें लोगों द्वारा धमकियां भी मिल रही हैं। महाराष्ट्र से एक महिला ने हमारे पास कॉल करके धमकी दी थी कि अगर आपने ऐसा किया तो तुम्हारे ऊपर एसिड फेंका जाएगा।धमकी देने वालों पर कार्रवाई करने की जगह हमें ही उल्टा जमानत करानी पड़ रही है।

प्रशासन से हमारा कहना है कि हमारे बच्चे छोटे-छोटे हैं, इसलिए हमें सुरक्षा देनी चाहिए। उल्टा हमें हरिद्वार धाम जाने के लिए और अपने महादेव की नगरी तथा अपने तीर्थ स्थान पर जाने के लिए जमानत करानी पड़ रही है।

हम सरकार से भी सवाल पूछना चाहते हैं कि पिछली बार कांवड़ लाने पर हमें सम्मान मिला। लोगों ने हमारी सराहना की और सनातनियों तथा हिंदुओं ने पूरा सम्मान दिया। लेकिन इस बार ऐसा हो रहा है कि प्रशासन पहले से ही रोकने की कोशिश कर रहा है।

हमें हरिद्वार जाने नहीं दिया जा रहा है। पता नहीं क्यों उनका कहना है कि लोगों की भावनाएं आहत होती हैं।लेकिन हम यह पूछना चाहते हैं कि हमने किसी को क्या गलत बोला है? हमने अपने मुंह से ऐसा कोई शब्द नहीं निकाला, जिससे किसी की भावना आहत हो।

अगर किसी के पहनने और ओढ़ने से किसी की भावना आहत होती है, तो यह सोचना गलत है। अगर इस प्रकार देखा जाए तो 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाएं भी आहत होती हैं। प्रशासन को यह भी सोचना चाहिए कि 100 करोड़ हिंदुओं को रोज दुख पहुंचाया जाता है।

अभी पप्पू यादव जी ने संसद के बाहर बैठकर भगवा वस्त्र पहनकर 100 करोड़ हिंदुओं की मान्यताओं और साधु-संतों के सम्मान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की है। पप्पू यादव, जो बिहार के सांसद हैं, उन्होंने संसद के बाहर बैठकर ऐसी नौटंकी रची कि 100 करोड़ हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया।

उन पर कोई आपत्ति नहीं हुई और न ही कोई केस दर्ज हुआ, लेकिन हमें नोटिस दिया जा रहा है कि हम हरिद्वार नहीं जाएंगे। आप हरिद्वार बुरखे में नहीं जा सकते। कल हम वहां जाएंगे। वहां गाजियाबाद की एक मुस्लिम महिला हैं, जिनका नाम अनीशा बानो है, जो हरिद्वार से कांवड़ ला रही हैं। हम उनका समर्थन करने जाएंगे।

अमन त्यागी ने बताया कि तमन्ना मलिक का जो कपड़े और वस्त्र पहनने का मन होगा, वही पहनकर जाएंगी, क्योंकि आप किसी के अधिकारों का हनन नहीं कर सकते। जिसे जो पहनना है, वह वही वस्त्र पहन सकता है। संविधान में कहीं नहीं लिखा है कि ऐसा नहीं किया जा सकता।

अगर संविधान में कोई ऐसी धारा है, जो इस पर रोक लगाती है, तो बता दीजिए,हालांकि हमें नोटिस मिला है और हम अपनी जमानत कराने आए हैं। वह जो वस्त्र पहनकर जाना चाहती हैं, पहन सकती हैं। उन पर कोई पाबंदी नहीं है।