15 करोड़ हस्ताक्षर, 30 मांगें; गोमाता के सम्मान को लेकर मिर्जापुर में सौंपा गया ज्ञापन
गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर एक बार फिर देशभर में आवाज़ बुलंद हुई। गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के तहत सोमवार को उप्र के मिर्जापुर जनपद सहित देश के सभी जिलों में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र एवं ज्ञापन सौंपा गया।
मिर्जापुर से आनन्द तिवारी की रिपोर्ट
मिर्जापुर/जनमत न्यूज़। गोमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे पर एक बार फिर देशभर में आवाज़ बुलंद हुई। गो सम्मान आह्वान अभियान के द्वितीय चरण के तहत सोमवार को उप्र के मिर्जापुर जनपद सहित देश के सभी जिलों में जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना-पत्र एवं ज्ञापन सौंपा गया।
अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों का दावा है कि इस बार देशभर से 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर सरकार तक पहुंचाए गए हैं, जबकि केवल मिर्जापुर से ही लगभग 3,92,991 लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ। अभियान के आयोजकों के अनुसार पिछले छह महीनों से संतों, गौसेवकों और गोभक्तों के नेतृत्व में यह राष्ट्रव्यापी जनजागरण चलाया जा रहा है।
ज्ञापन में गोहत्या-निषेध के लिए केंद्रीय कानून बनाने, गोमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान देने, केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना, गोचर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने, केंद्रीय गो-चारा नीति लागू करने तथा कृषि, पर्यावरण, शिक्षा और चिकित्सा सहित 30 से अधिक प्रमुख मांगें शामिल हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत गोमाता के पूजन, शंखनाद और "श्री राम जय राम जय जय राम" के सामूहिक मंत्रोच्चार से हुई। इसके बाद गोभक्तों ने शांतिपूर्ण प्रार्थना-यात्रा निकाली।
यात्रा में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की झांकी, गोमाता की झांकी तथा हस्ताक्षर अभियान का प्रतीकात्मक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर संत-महात्माओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन सौंपा और सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।
अभियान के प्रतिनिधियों ने कहा कि गोमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और कृषि व्यवस्था का आधार हैं, इसलिए उनसे जुड़े विषयों को राष्ट्रीय नीति में उचित स्थान मिलना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से चलाया जा रहा है तथा मांगें पूरी होने तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। कि देश में ज्ञापनों का भी अपना अलग जीवन होता है। हर कुछ महीनों में करोड़ों हस्ताक्षर जुटते हैं, फाइलें आगे बढ़ती हैं।
ज्ञापन नए कवर में फिर सरकार के दरवाजे तक पहुंच जाता है और जनता उम्मीद करती है कि इस बार शायद कुछ बदल जाएगा। दूसरी ओर सरकारी फाइलें भी मानो कह रही हों-"हमें भी थोड़ा समय दीजिए, लोकतंत्र में इंतज़ार भी एक प्रक्रिया है।"
अब देखना यह होगा कि करोड़ों लोगों की आवाज़ सरकारी निर्णयों तक पहुंचती है या फिर यह ज्ञापन भी अगली याद दिलाने वाली तारीख का इंतज़ार करता रह जाएगा।
इस अवसर पर राज महेश्वरी, विद्याभूषण, रामचंद्र शुक्ल, सत्य प्रकाश, दिनेश प्रकाश, माता सहाय, गोपाल, संतोष दुबे, श्रीकृष्ण पटेल, अभय मिश्रा, बृजेश गुप्ता, राहुल जैन, भोला पांडे, हरिशंकर, अनिल गुप्ता, अनिलेश स्वरूप ब्रह्मचारी जी महाराज,
प्रवीण, अभिषेक, अर्जुन राम तिवारी, सपना सिंह, गणेश तिवारी, नारायण राठी, राजकुमार गुप्ता, सौम्या त्रिपाठी, राम सिंह सहित बड़ी संख्या में संत, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान, व्यापारी, मातृशक्ति और गोभक्त उपस्थित रहे।


