बलरामपुर: देश में बढ़े चीनी के दाम ने बिगाड़ा गरीबों के रसोई का बजट, फैल रही है अफवाहें
त्योहारों का मौसम करीब आते ही बढ़े हुए चीनी के दाम ने आम आदमी के जेब और रसोई के बजट पर काफी असर डाला है। चीनी के दाम बढ़ने से खासकर चाय की मिठास भी कड़वाहट में बादल रही है।
बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट
बलरामपुर/जनमत न्यूज़। त्योहारों का मौसम करीब आते ही बढ़े हुए चीनी के दाम ने आम आदमी के जेब और रसोई के बजट पर काफी असर डाला है। चीनी के दाम बढ़ने से खासकर चाय की मिठास भी कड़वाहट में बादल रही है। इस संबंध में बात की तो लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में हो सकता है चीनी के दाम कम हो जाएं लेकिन आज 65 से 70 ₹ किलो के बीच चीनी बाजारों में दुकानदारों के द्वारा बेची जा रही है।
भारतीय किसान मजदूर संगठन राष्ट्रवादी महात्मा टिकैट के जिला उपाध्यक्ष बछराज वर्मा ने कहा कि जो देश में चीनी के दाम बढ़ रहे हैं यह पूरी तरह से गलत हैं इसको नियंत्रण में करना सरकार का काम है। बढ़े हुए चीनी के दाम किसानों के ऊपर बोझ बढ़ा रहे हैं।
आने वाले दिनों में अगस्त से नवंबर तक काफी त्यौहार बढ़ जाते हैं ऐसी स्थिति में चीनी के बड़े हुए दम मिठास में खटास का काम कर रहे हैं। ऐसे में मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग कर रहा हूं कि जब हर विभाग अलग-अलग बंटा हुआ है तो गवर्नर क्या कर रहे हैं। गवर्नर का काम महंगाई को रोककर और दम को स्थिर रखना है।
वहीं ग्रामीण पुजारी लाल चौरसिया का कहना है कि चीनी के बड़े हुए दाम से लोग काफी परेशान हैं। तमाम तरह की अफवाहें फैल रही है कि आने वाले दिनों में चीनी के दाम और बढ़ जाएंगे मैं मांग कर रहा हूं कि अफवाहों पर अंकुश लगाते हुए चीनी के दाम को घटाएं और किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान जल्द से जल्द कराई जाये ।
वहीं भारतीय किसान मजदूर संगठन राष्ट्रवादी महात्मा टिकैट गुट के तहसील अध्यक्ष बडेलाल पांडेय ने कहा कि बढ़े हुए चीनी के दाम से किसानों और अन्य लोगों पर बहुत बड़ा आर्थिक बोझ बढ़ा है ।सरकार गरीबों के हित की बात तो करती है
मगर कहीं ना कहीं अचानक महंगाई का बोझ गरीबों के कंधे पर डाल देती है जिससे गरीब किसान चीनी महंगी होने के कारण चीनी खरीदने में असमर्थ है और अपने बच्चों के लिए सुबह की चाय बना पाना काफी कठिन हो गया है और हम अपने किसान भाइयों की तरफ से मांग कर रहा हूं कि तत्काल चीनी का दाम घटाए जाए और हम किसानों के गन्ने का रेट बढ़ाया जाए।




