मिर्जापुर में सड़क की मांग पर मुकदमा; सपा नेता का पलटवार, बोले- गड्ढे से पहले एफआईआर भर दी
उप्र के मिर्जापुर जनपद के चेरुई राम कम्पोजिट विद्यालय जाने वाले बच्चों की राह आसान बनाने की मांग अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है।
मिर्जापुर से आनन्द तिवारी की रिपोर्ट
मिर्जापुर/जनमत न्यूज़। उप्र के मिर्जापुर जनपद के चेरुई राम कम्पोजिट विद्यालय जाने वाले बच्चों की राह आसान बनाने की मांग अब राजनीतिक बहस का विषय बन गई है।
स्कूल की जर्जर सड़क को लेकर एक दिन पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं और स्थानीय लोगों द्वारा किए गए धरना-प्रदर्शन के बाद देहात कोतवाली में दर्ज मुकदमे को लेकर बुधवार को सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
लोहिया ट्रस्ट स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिस सड़क से रोजाना छात्र-छात्राएं, अभिभावक और स्थानीय लोग गुजरते हैं, उसकी खराब स्थिति लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
इसी जनसमस्या को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन किया था, लेकिन सड़क की मरम्मत के बजाय प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को उठाना अपराध नहीं हो सकता। यदि जनप्रतिनिधि और राजनीतिक दल लोगों की बुनियादी सुविधाओं के लिए आवाज उठाएंगे और उसके बदले मुकदमे दर्ज होंगे, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। उन्होंने प्रशासन से दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे मामले में उचित कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी संघर्ष जारी रखेगी और किसी भी प्रकार के दबाव या कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। पार्टी का कहना है कि सड़क की समस्या वास्तविक है और उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए।
प्रेस वार्ता में मौजूद अन्य नेताओं ने भी प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सड़क समय रहते दुरुस्त कर दी जाती, तो लोगों को धरना देने की जरूरत ही नहीं पड़ती। उनका आरोप था कि समस्या जस की तस बनी हुई है, जबकि कार्रवाई उन लोगों पर हुई जिन्होंने उसकी ओर ध्यान आकर्षित किया।
फिलहाल देहात कोतवाली में दर्ज मुकदमे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन सपा के आरोपों का क्या जवाब देता है और विवाद की जड़ बनी स्कूल की सड़क का समाधान कब तक होता है।
मिर्जापुर में इन दिनों सड़क के गड्ढे अपनी जगह कायम हैं, लेकिन एफआईआर की फाइलें तेज रफ्तार से आगे बढ़ती दिख रही हैं। ऐसा लगता है कि व्यवस्था ने फिलहाल डामर से पहले दस्तावेजों पर ज्यादा भरोसा कर लिया.




