उरई में मुख्यमंत्री के अरमानों पर पानी फेरते विभाग, बड़ी संख्या में पौधों को कूड़े के ढेर में फेंका

उप्र के उरई जनपद में 98 लाख पौधों का रोपित करने का लक्ष्य निर्धारण किया गया था। योगी सरकार ने प्रदेश में एक दिन में सर्वाधिक पौधारोपण कर बर्ड रिकॉर्ड बनाया था। जिसके लिए प्रदेश को गिनीज बुक में जगह मिली।

उरई में मुख्यमंत्री के अरमानों पर पानी फेरते विभाग, बड़ी संख्या में पौधों को कूड़े के ढेर में फेंका
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद में 98 लाख पौधों का रोपित करने का लक्ष्य निर्धारण किया गया था। योगी सरकार ने प्रदेश में एक दिन में सर्वाधिक पौधारोपण कर बर्ड रिकॉर्ड बनाया था। जिसके लिए प्रदेश को गिनीज बुक में जगह मिली।

हकीकत को बिना परखे यह कार्य किया गया क्योंकि सहायक निदेशक मत्स्य विभाग के नाक के नीचे सैकड़ों की संख्या में पौधों कूड़े के ढेर में फेंके गए। रामकुंड पार्क के अंदर एक दर्जन स्थानों पर पौधों के ढेर आप देख सकते है।

जीवन जीने  के लिए जिस हवा का इंतजाम सरकार कर रही है उसी को विभाग कैसे पलीता लगाते है। इसका जीता जागता उदाहरण रामकुंड पार्क है। जहां विभाग की घोर लापरवाही के चलते सैकड़ों की संख्या में पौधों को कूड़े के ढेर में देखा जा सकता है।

सैकड़ों पौधे उस काली पॉलीथिन से गायब है अकेली मिट्टी भरी है। जबकि पौधे रोपित करते समय काली पॉलीथिन को हटाकर मिट्टी सहित पौधे रोपित किए जाते है। जिन पौधों को वृक्ष बनना था उनको पहले हो मार दिया गया।

किसी सरकारी सिस्टम का कैसे मजाक बनाकर रखा है जिस सरकार में नौकरी कर रहे उसी सरकार की खिल्ली उड़वाने में लगे हुए है। फिलहाल जिला प्रशासन को  विभागों को जो पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया था।

उसकी एक कमेटी बनाकर जांच करवाना चाहिए कि लक्ष्य के सापेक्ष कितना पौधारोपण किया गया और कितना शेष है। जिससे विभाग की असलियत मालूम हो सके। 98 लाख पौधे रोपित करने के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी दी गई थी।

विभागवार आवंटन पौधों का किया गया था लेकिन संबंधित विभाग ने पौधे कहां रोपित किए इसकी जानकारी नहीं दी गई। रामकुंड पार्क में यह मामला पहला नहीं है।

पिछले वर्ष भी यहां विभाग की लापरवाही से हजारों की संख्या में पौधों को फेंका गया था जिसका संज्ञान जिलाधिकारी ने लिया था यही इस बार भी किया लेकिन कोई खबर लेने वाला नहीं दिखाई दे रहा।