घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाकर जान बचाना फतेहपुर पुलिस की पहली प्राथमिकता, SP ने दिए स्पष्ट निर्देश
सड़क हादसों में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाकर जान बचाना फतेहपुर पुलिस की पहली प्राथमिकता है। जिले के सभी डायल-112 पीआरवी और थाना पुलिस को पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
फतेहपुर से भीमशंकर की रिपोर्ट
फतेहपुर/जनमत न्यूज़। सड़क हादसों में घायलों को तत्काल अस्पताल पहुँचाकर जान बचाना फतेहपुर पुलिस की पहली प्राथमिकता है। जिले के सभी डायल-112 पीआरवी और थाना पुलिस को पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
फतेहपुर पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों के लिए मददगार और संवेदनशील साथी के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले की सभी डायल-112 पीआरवी और थाना पुलिस को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि सड़क दुर्घटना या किसी भी घटना में घायल व्यक्ति मिलने पर 108 एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय आवश्यकता पड़ने पर तत्काल पुलिस वाहन से उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाकर इलाज शुरू कराया जाए।
इस पहल का उद्देश्य गोल्डन ऑवर का सदुपयोग कर घायलों की जान बचाना है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद जिले भर की पीआरवी और थाना पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
किसी भी दुर्घटना या आपात सूचना पर मौके पर पहुंचने वाली पुलिस टीम घायल की मदद को प्राथमिकता देगी और आवश्यक होने पर अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाएगी और इलाज में हर संभव सहयोग करेंगी।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट पोलिसिंग का बहुत महत्वपूर्ण अंग 112 पुलिस फोर्स है जिसकी वजह से रेस्पॉन्स रेट बेहतर हुआ है। जो लगभग 4 मिनट 45 सेकंड है।
इस समय एक दिन में औसतन 400 घटनाएं रिसीव हो रही है जिले का 90 किलोमीटर हाईवे है जिसमें एक्सीडेंट की ज्यादा घटनाएं आती है। एक्सीडेंट के मामलों में हमारी पहली प्राथमिकता घायल को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुँचाना है ताकि तुरंत ईलाज मिल जाय।
इसके लिए मेरे द्वारा 112 की सभी गाड़ियों व थानों को आदेशित किया गया है कि उन्हें 108 एम्बुलेंस का इंतजार नहीं करना है बल्कि पुलिस की गाड़ी से तुरंत अस्पताल पहुँचाना है।
डायल 112 की सारी मॉनिटरिंग मेरे द्वारा स्वयं की जा रही है। 112 की पुलिस टीम बॉडी वॉर्न कैमरा पहनती है जिससे घटना की गतिविधि रिकॉर्ड होती है।
इस वीडियो के जरिए विवेचना में व घटना वेरीफाई करने में मदद मिलती है। इस तरह 112 में कुछ नई चीजें लेकर आए हैं जिससे हमारी पोलिसिंग बेहतर हुई है।साथी ही आम जनता का 112 पर विश्वास भी बढ़ा हुआ है।


