कुशीनगर मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था की खुली पोल, अस्पताल परिसर में घुटने तक गंदा पानी
उप्र के कुशीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बारिश के बाद बदइंतजामी की तस्वीर सामने आई है। MCH विंग स्थित L2 महिला अस्पताल परिसर में जल निकासी की व्यवस्था इतनी खराब है कि बारिश होते ही पूरा परिसर पानी में डूब जाता है।
कुशीनगर से प्रदीप यादव की रिपोर्ट
कुशीनगर/जनमत न्यूज़। उप्र के कुशीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बारिश के बाद बदइंतजामी की तस्वीर सामने आई है। MCH विंग स्थित L2 महिला अस्पताल परिसर में जल निकासी की व्यवस्था इतनी खराब है कि बारिश होते ही पूरा परिसर पानी में डूब जाता है।
हालात ये हैं कि गंदा पानी PICU वार्ड तक पहुंच गया। मरीजों, प्रसूताओं और तीमारदारों को इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बीती रात हुई बारिश के बाद कुशीनगर मेडिकल कॉलेज के MCH विंग स्थित L2 महिला अस्पताल परिसर में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर परिसर के अंदर तक घुटने तक गंदा पानी भर गया।
जलभराव का असर अस्पताल के PICU वार्ड तक भी पहुंचा। वार्ड में घुसे पानी को कर्मचारियों ने वाइपर की मदद से बाहर निकाला। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके तीमारदारों को गंदे पानी के बीच से आने-जाने को मजबूर होना पड़ा।
शनिवार रात के समय स्थिति और ज्यादा मुश्किल हो गई। अस्पताल परिसर में प्रकाश की व्यवस्था कमजोर होने के कारण लोग मोबाइल की टॉर्च जलाकर रास्ता तलाशते नजर आए। प्रसूताओं, नवजात बच्चों और मरीजों के परिजनों के लिए यह स्थिति परेशानी के साथ चिंता का भी कारण बनी रही।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश होते ही अस्पताल में पानी भर जाता है। कई बार मरीजों और तीमारदारों को इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या आज की नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी है। हर बारिश में यही स्थिति दोहराती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए STP प्लांट लगाया जाना है। इसके लिए कंपनी नियुक्त हो चुकी है और बजट भी आवंटित किया जा चुका है।
यानी अस्पताल प्रशासन स्थायी समाधान की तैयारी का दावा कर रहा है, लेकिन फिलहाल हर बारिश में मरीजों और तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। सवाल यही है कि STP प्लांट कब तक तैयार होगा और अस्पताल परिसर को जलभराव से स्थायी निजात कब मिलेगी?




