फर्रुखाबाद से वरूण दूबे की रिपोर्ट —
फर्रुखाबाद/जनमत न्यूज। फर्रुखाबाद जिले में पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मोहम्मदाबाद कोतवाली के प्रभारी विनोद शुक्ला और दरोगा सुरेश चाहर पर रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को लेकर ग्राम प्रधान महिला ने एडीजी को प्रार्थना पत्र देकर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि ग्राम सभा की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए एसडीएम द्वारा कोतवाली प्रभारी को निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि इस कार्रवाई के नाम पर कोतवाली प्रभारी और दरोगा ने ग्राम प्रधान से करीब ढाई लाख रुपये रिश्वत के रूप में ले लिए, लेकिन इसके बावजूद जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराया गया।
महिला प्रधान ने आरोप लगाया है कि दरोगा सुरेश चाहर ने रिश्वत की रकम अपने बेटे पंकज चाहर के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाई। आरोप के मुताबिक प्रधान ने पंकज चाहर के खाते में 1 लाख 75 हजार रुपये ट्रांसफर किए, जबकि बाकी रकम नकद दी गई थी।
इस मामले को लेकर महिला प्रधान ने एडीजी को प्रार्थना पत्र देकर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें दंडित करने की मांग की है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दरोगा सुरेश चाहर कई वर्षों से जिले में तैनात हैं और उनके बेटे द्वारा जिले में अवैध जमीनों पर खेती का कारोबार किया जा रहा है।
बताया गया कि कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के बनपोई गांव के एक युवक के माध्यम से दरोगा का बेटा पंकज चाहर खेती का कारोबार संचालित करता था। पंकज चाहर फर्रुखाबाद शहर में किराए के मकान में रहकर इस कारोबार को अंजाम देता था।
पूरा मामला कोतवाली मोहम्मदाबाद क्षेत्र के निशाई गांव से जुड़ा बताया जा रहा है। फिलहाल इस शिकायत के बाद पुलिस विभाग में हलचल मची हुई है और मामले की जांच की मांग तेज हो गई है।