हरदोई: जिला पंचायत अध्यक्ष पर सपा नेता की जातिसूचक टिप्पणी पर बवाल, भाजपा महिला मोर्चा ने फूंका पुतला
उप्र के हरदोई जनपद में समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली एक बार फिर विवादों में फंस गए हैं। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमवती पर की गई कथित जातिसूचक टिप्पणी को लेकर पूरे जिले की सियासत गरमा गई है।
हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट
हरदोई/जनमत न्यूज़। उप्र के हरदोई जनपद में समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली एक बार फिर विवादों में फंस गए हैं। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमवती पर की गई कथित जातिसूचक टिप्पणी को लेकर पूरे जिले की सियासत गरमा गई है।
गुरुवार को इस बयान के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने महिला मोर्चा के साथ सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने नगर में जमकर नारेबाजी करते हुए शराफत अली का पुतला फूंका और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तुरंत जेल भेजने की मांग की।
दरअसल बुधवार को आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए शराफत अली ने जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमवती को लेकर अमर्यादित और जातिसूचक टिप्पणी कर दी। इस बयान का वीडियो सामने आते ही मामला तूल पकड़ गया।
गुरुवार को भाजपा नेताओं ने शराफत अली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।प्रदर्शन कर रहे भाजपा महिला मोर्चा और अन्य कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शराफत अली के खिलाफ एससी/एसटी उत्पीड़न अधिनियम के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक महिला और संवैधानिक पद पर बैठी शख्सियत के खिलाफ ऐसी अभद्र टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शराफत अली को समाजवादी पार्टी से निष्कासित करने और सलाखों के पीछे भेजने की पुरजोर वकालत की।
यह पहली बार नहीं है जब शराफत अली अपने बयानों को लेकर घिरे हों। कुछ महीने पहले भी उन पर अपनी ही पार्टी की पूर्व सांसद उषा वर्मा और पूर्व विधायक राजेश्वरी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के गंभीर आरोप लगे थे।
उस वक्त मामला इतना बढ़ा था कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए हरदोई की पूरी जिला कार्यकारिणी को भंग कर दिया था और शराफत अली को जिला अध्यक्ष पद से हटा दिया था।



