कीट विश्वविद्यालय भुवनेश्वर बना भारत का चौथा सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में पूर्वी भारत में शीर्ष स्थान

कीट डीम्ड विश्वविद्यालय भुवनेश्वर ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हुए Times Higher Education (THE) World University Rankings 2027 में भारत के विश्वविद्यालयों के बीच चौथा स्थान प्राप्त किया है।

कीट विश्वविद्यालय भुवनेश्वर बना भारत का चौथा सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में पूर्वी भारत में शीर्ष स्थान
Published By- Diwaker Mishra

अम्बुज मिश्रा की रिपोर्ट

भुवनेश्वर/जनमत न्यूज़। कीट डीम्ड विश्वविद्यालय भुवनेश्वर ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रदर्शन करते हुए Times Higher Education (THE) World University Rankings 2027 में भारत के विश्वविद्यालयों के बीच चौथा स्थान प्राप्त किया है। साथ ही, यह पूर्वी भारत में प्रथम स्थान पर रहा है। रैंकिंग आज जारी की गई।

विश्वविद्यालय ने पिछले वर्ष की तुलना में राष्ट्रीय रैंकिंग में एक स्थान की बढ़त हासिल की है। वैश्विक रैंकिंग में कीट डीम्ड विश्वविद्यालय भुवनेश्वर को 501–550 के समूह (cohort) में स्थान मिला है। दुनिया भर से बढ़ी हुई भागीदारी के बावजूद यह पिछले वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण सुधार है।

इस नवीनतम रैंकिंग में विश्वविद्यालय के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक विकास को दर्शाया गया है। विशेष रूप से शिक्षण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार के साथ-साथ शोध के वातावरण, उद्योग के साथ जुड़ाव और अंतर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया है।

दुनिया भर से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच हासिल हुई यह प्रगति कीट डीम्ड विश्वविद्यालय भुवनेश्वर की निरंतर संस्थागत रणनीतियों, मजबूत गुणवत्ता-आश्वासन व्यवस्था तथा बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक विकास में लगातार निवेश को दर्शाती है।

यह उपलब्धि कीट के नेतृत्व के विजन, संकाय सदस्यों की मेहनत, शोधकर्ताओं की उपलब्धियों और विश्वविद्यालय के जीवंत वैश्विक छात्र समुदाय की प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है।

इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कीट और कीस के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत ने कहा “हर राज्य की यह आकांक्षा होती है कि उसका कोई विश्वविद्यालय दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों में स्थान बनाए।

मुझे खुशी है कि कीट, अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में अपेक्षाकृत युवा विश्वविद्यालय होने के बावजूद, दुनिया के प्रमुख विश्वविद्यालयों में स्थान बनाने में सफल रहा है। यह उपलब्धि विशेष रूप से ओडिशा और पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है।”