शाहजहांपुर में डबल मर्डर की सनसनीखेज वारदात, मंदिर में तख्त से बांधकर दो साधुओं को जिंदा जलाया

उप्र के शाहजहांपुर जिले से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर खुदागंज क्षेत्र में मंदिर परिसर में दो सेवादारों की हत्या कर दी गई।

शाहजहांपुर में डबल मर्डर की सनसनीखेज वारदात, मंदिर में तख्त से बांधकर दो साधुओं को जिंदा जलाया
Published By- Diwaker Mishra

शाहजहांपुर से राजीव शुक्ला की रिपोर्ट

शाहजहांपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के शाहजहांपुर जिले से सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जिला मुख्यालय से करीब 60 किमी दूर खुदागंज क्षेत्र में मंदिर परिसर में दो सेवादारों की हत्या कर दी गई। 

शाहजहांपुर के खुदागंज थाना क्षेत्र के सूथा गांव में बृहस्पतिवार सुबह प्राचीन मंदिर परिसर में दो सेवादारों के शव जली हालत में मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों की हत्या किए जाने के बाद शव जलाने की बात सामने आई है।

उनके शवों को परिसर में जला दिया गया। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो मंजर देख सन्न रह गए। गांव के पश्चिम में स्थित हनुमान मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करने वाले दो वृद्धों की तख्त से बांधकर जिंदा जला देने से मौत हो गई। वारदात रात करीब एक बजे की बताई जा रही है।

मृतकों की पहचान गोपाल दास और बड़े दास के रूप में हुई है। बड़े दास दिव्यांग बताए गए हैं। घटना की जानकारी होते ही गांव में बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस बल के साथ अफसर मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की। पुलिस ने जले शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

बुरी तरह जल गए थे शव

मृतकों की पहचान मंदिर के सेवादार गोपाल दास और बाबा बिहारी दास के रूप में हुई। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों सेवादार मंदिर परिसर में ही रहते थे और धार्मिक कार्यों में सेवा करते थे। सुबह ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो परिसर में दोनों के शव पड़े देखे। दोनों शव एक-दूसरे से 10 मीटर दूर पड़े थे। दोनों शव बुरी तरह जल चुके थे। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंदिर की जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद में सुमित सिंह नाम के युवक पर दोनों वृद्धों के साथ मारपीट करने, उन्हें अलग-अलग तख्त से बांधने और मंदिर परिसर और आसपास से लकड़ियां जुटाकर आग लगाने का आरोप है।

बताया जा रहा है कि मंदिर सुमित के परिवार की जमीन पर बना है और वह उस पर कब्जा करना चाहता था। दोनों वृद्ध मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करने के साथ उसकी देखभाल भी करते थे। इसी बात को लेकर पहले से विवाद होने की जानकारी सामने आई है।

आरोप है कि बुधवार रात सुमित गांव में घूमते हुए पहले काल सिंह स्थान पर पहुंचा और वहां लाइट तोड़ने के बाद हनुमान मंदिर गया। यहां दोनों वृद्धों से उसका विवाद हुआ। इसके बाद उसने कथित तौर पर दोनों के साथ मारपीट की और उन्हें तख्त से बांधकर आग लगा दी। आग में झुलसने से दोनों की मौत हो गई।

दो महीने पहले जेल से छूटकर आया था आरोपी

ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी सुमित सिंह करीब दो महीने पहले जेल से छूटकर आया था। उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और कार जलाने समेत कई मामलों में मुकदमे दर्ज होने की जानकारी है। उस पर पूर्व में आगजनी की घटनाओं में शामिल रहने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं।

बताया जा रहा है कि उसके पिता का नाम भी हिस्ट्रीशीटर के रूप में सामने आता रहा है। हालांकि, आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और वारदात के पीछे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

दो वृद्धों को मंदिर परिसर में बांधकर जिंदा जलाने की घटना से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वारदात में इस्तेमाल किए गए तरीके, जमीन के विवाद की पृष्ठभूमि और आरोपी की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

मंदिर की जमीन को लेकर पुराना विवाद

गांव के पश्चिम में स्थित हनुमान मंदिर में दोनों वृद्ध लंबे समय से रहकर पूजा-पाठ और देखभाल करते थे। बताया जा रहा है कि मंदिर सुमित के परिवार की जमीन पर बना है। इसी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विवाद की तत्काल वजह क्या थी और वारदात से पहले आरोपियों व मृतकों के बीच क्या हुआ।

दो महीने पहले जेल से छूटने की जानकारी

ग्रामीणों के अनुसार, सुमित सिंह करीब दो महीने पहले जेल से बाहर आया था। उसके खिलाफ कार जलाने और एससी-एसटी एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। उस पर पहले भी आगजनी की घटनाओं में शामिल रहने के आरोप हैं।