वाराणसी: अधूरे सड़क पर टोल प्लाजा को लेकर किसान नेता का आह्वान, रोड नही तो टोल नही
उप्र के वाराणसी जिले में अधूरे सड़क पर टोल प्लाजा को लेकर किसान नेता ने आह्वान किया है कि रोड नही तो टोल नही। इस बाबत 30 सितंबर को विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
वाराणसी से उमेश सिंह की रिपोर्ट
वाराणसी/जनमत न्यूज़। उप्र के वाराणसी जिले में अधूरे सड़क पर टोल प्लाजा को लेकर किसान नेता ने आह्वान किया है कि रोड नही तो टोल नही। इस बाबत 30 सितंबर को विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
किसान नेता का आरोप है कि वाराणसी आजमगढ़ मार्ग पर बने ढेरही टोल प्लाजा के 2 किलोमीटर आगे अधूरी सड़क है फिर भी टोल प्लाजा पर वसूली हो रही है। किसान नेता अजित सिंह डोभी ने प्रेसवार्ता कर आह्वान किया है कि 30 सितंबर को किसान ट्रेक्टर ट्राली व अपने निजी वाहनों संग पहुचकर प्रदर्शन करेंगे।
राष्ट्रीय राजमार्ग-233 के ढेरही, बलरामगंज, वाराणसी टोल प्लाजा को बंद कराने व बड़े वाहनों पर "नो एंट्री" लागू कराने के संबंध में किसानों का 30 सितंबर को विशाल धरना प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।
किसान नेता का दावा राष्ट्रीय राजमार्ग-233 (वाराणसी-आजगगढ़ मार्ग) पर ढेरही, बलरामगंज, वाराणसी में स्थापित टोल प्लाजा को लेकर क्षेत्र की जनता, किसान, व्यापारी, छात्र एवं नौजवान लंबे समय से गंभीर समस्या का कर रहे सामना
किसान नेता अजित सिंह डोभी ने कहा ढेरही टोल प्लाजा से लगभग 2 किलोमीटर आगे राष्ट्रीय राजमार्ग 233 का निर्माण ही पूर्ण नहीं हुआ है। इसके बावजूद अधूरे मार्ग पर वाहन बालकों से टोल टैक्स की वसूली की जा रही है।
सड़क की पूर्ण सुविधा उपलब्ध कराए बिना टोल वसूली किया जाना आम जनता के साथ गंभीर अन्याय एवं जनहित का विषय है। पूर्वाचल किसान संगठन एवं क्षेत्रीय जनता द्वारा अब तक तीन बार शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन हो चुका है।
किसान नेता अजित सिंह डोभी ने बताया कि इन आंदोलनों के दौरान वाराणसी प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों तथा जनपद जौनपुर के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में समस्या पर वार्ता हुई थी।
किसान नेता ने कहा पूर्व में विरोध प्रदर्शन के बाद इस वास्तविक स्थिति को देखते हुए चोलापुर, केराकत एवं डोभी क्षेत्र के निजी एवं वाणिज्यिक वाहनों को टोल टैक्स से राहत/मुक्ति प्रदान की गई थी लेकिन लगभग दो वर्ष बाद स्थानीय लोगों से पुनः टोल टैक्स की वसूली किए जाने की शिकायतें आ रही हैं।




