अमेठी: सर्पदंश पर झाड़-फूंक में समय गंवाना पड़ सकता है जान पर भारी, ASV ही एकमात्र इलाज
वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए अमेठी जिला प्रशासन ने जनसामान्य के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।
अमेठी से राम मिश्रा की रिपोर्ट
अमेठी/ जनमत न्यूज़। वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए अमेठी जिला प्रशासन ने जनसामान्य के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योति सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर सर्पदंश की घटनाओं को कम करने तथा लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह सलाह जारी की गई है।उन्होंने बताया कि भारत में लगभग 270 से अधिक प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं, जिनमें केवल कुछ ही विषैले होते हैं।
इनमें करैत, कोबरा, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर को सबसे खतरनाक माना जाता है। इन सांपों के काटने से तेज दर्द, सूजन, रक्तस्राव, सांस लेने में कठिनाई, लकवा तथा गंभीर स्थिति में गुर्दे फेल होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
एडीएम ने बताया कि सर्पदंश के सामान्य लक्षणों में काटे गए स्थान पर दो छेद जैसे निशान, दर्द व सूजन, उल्टी, चक्कर, बेहोशी, सांस लेने में परेशानी तथा शरीर का सुन्न होना शामिल है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि रात में खुले स्थान पर न सोएं, घरों के आसपास झाड़ियों व घास की नियमित सफाई रखें, खेतों में कार्य करते समय जूते व पूरे कपड़े पहनें तथा रात में टॉर्च का प्रयोग करें। बारिश के मौसम में घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें तथा चूहों की सफाई पर विशेष ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि सर्पदंश होने पर घबराने के बजाय पीड़ित को शांत रखें, काटे गए अंग को स्थिर रखें और साफ पानी से घाव को धोकर तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचाएं। झाड़-फूंक, तांत्रिक उपचार या घरेलू नुस्खों में समय न गंवाएं। साथ ही घाव को काटने, जहर चूसने या रस्सी से कसकर बांधने जैसी गलतियां न करें।
उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में पॉलीवैलेंट एंटी-स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध है और समय पर उपचार मिलने से जीवन बचाया जा सकता है। एडीएम ने यह भी बताया कि वर्षा के दौरान सांप अपने बिलों से निकलकर सुरक्षित स्थानों और भोजन की तलाश में रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं, जिससे सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में सर्पदंश से मृत व्यक्तियों के परिजनों को सरकारी सहायता प्रदान करने के लिए पोस्टमार्टम एवं पंचनामा कराना अनिवार्य है।वर्तमान में जिले के छह प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।


