रायबरेली में साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़, बैंक खाते किराए पर लेकर करते थे करोड़ों की ठगी; 7 गिरफ्तार
उप्र के रायबरेली जनपद की मिलएरिया थाना पुलिस, साइबर थाना और एसओजी/सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।
रायबरेली से महताब खान की रिपोर्ट
रायबरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के रायबरेली जनपद की मिलएरिया थाना पुलिस, साइबर थाना और एसओजी/सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी से जुड़े एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकदी, फर्जी आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी भोले-भाले लोगों को नया कारोबार शुरू कराने और अधिक मुनाफे का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे।
इसके बाद पासबुक, एटीएम कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल सिम अपने कब्जे में लेकर उन्हीं खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में करते थे। विरोध करने पर खाताधारकों को धमकाया भी जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों में समीर वाल्मीकि, शिवांक मिश्रा उर्फ शिवा, रितिक कुमार, लकी सिंह, रणविजय सिंह, वैभव श्रीवास्तव उर्फ सनी और अभिषेक प्रसाद शामिल हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से ₹14,100 नकद, 10 एटीएम कार्ड, 7 फर्जी आधार कार्ड, 4 बैंक पासबुक, 2 चेकबुक और 10 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में शिवांक मिश्रा और लकी सिंह के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की भी जानकारी मिली है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।


