फतेहपुर: रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों पर कार्रवाई, कोल्ड स्टोर में आलू की जगह मिला दूषित मिठाई का जखीरा
उप्र के फतेहपुर जनपद में रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों का नेटवर्क सक्रिय होने का बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे मिठाई निर्माण कारखाने का भंडाफोड़ किया है।
फतेहपुर से भीमशंकर की रिपोर्ट
फतेहपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के फतेहपुर जनपद में रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों का नेटवर्क सक्रिय होने का बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे मिठाई निर्माण कारखाने का भंडाफोड़ किया है।
खासमऊ ओवरब्रिज के समीप चल रहे इस कारखाने में रक्षाबंधन पर जिले में खपाने के लिए बड़े पैमाने पर मिठाइयां तैयार की जा रही थीं।
हैरानी की बात यह रही कि जिस कोल्ड स्टोरेज में आमतौर पर आलू का भंडारण होता है, वहां छापेमारी के दौरान आलू की जगह बड़ी मात्रा में रसगुल्ले और छेना भंडारित मिला। आरोप है कि इन्हीं मिठाइयों को रक्षाबंधन के मौके पर दुकानों के जरिए बाजार में खपाने की तैयारी थी।
जांच के दौरान मिठाई निर्माण में रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, मिल्क पाउडर, दूध और चीनी का इस्तेमाल होता मिला। खाद्य विभाग ने गुणवत्ता के संदेह पर छेना, मिल्क केक, बर्फी और रिफाइंड सोयाबीन ऑयल के नमूने लिए हैं, जबकि 134 किलो रिफाइंड सोयाबीन ऑयल सीज किया गया है।
खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद कारखाने को आवश्यक सुधार होने तक बंद करा दिया गया है। वहीं विभाग ने लोगों से अपील की है कि खुले में या अस्वच्छ परिस्थितियों में भंडारित मिठाइयां खरीदने से बचें और मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।
रक्षाबंधन से ठीक पहले हुई इस बड़ी कार्रवाई ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि अगर समय रहते खाद्य विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंचती, तो यही दूषित मिठाइयां त्योहार के दौरान लोगों की थाली तक पहुंच जातीं फिलहाल खाद्य विभाग ने नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।




