औरैया साइबर पुलिस को मिली महत्वपूर्ण सफलता, दो आरोपी गिरफ्तार; तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद

उप्र के औरैया जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत औरैया साइबर थाना पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

औरैया साइबर पुलिस को मिली महत्वपूर्ण सफलता, दो आरोपी गिरफ्तार; तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद
Published By- Diwaker Mishra

औरैया से अरुण वाजपेयी की रिपोर्ट

औरैया/जनमत न्यूज़। उप्र के औरैया जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत औरैया साइबर थाना पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

पुलिस ने विद्युत चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज न करने के नाम पर 15 हजार रुपये की मांग करने तथा पुलिस अधिकारी के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर साइबर ठगी का प्रयास करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक कानपुर परिक्षेत्र कानपुर के निर्देशन में साइबर अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक औरैया के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी बिधूना/साइबर के पर्यवेक्षण में साइबर थाना पुलिस टीम ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की।

विद्युत चोरी के मामले से जुड़ा था पूरा मामला

पुलिस के मुताबिक 20 अगस्त 2026 को अवर अभियंता होरीलाल, प्रवर्तन दल औरैया तथा विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने थाना कोतवाली औरैया क्षेत्र के ग्राम निगड़ा में चेकिंग की थी।

इस दौरान ओमकांत पुत्र श्यामबाबू चतुर्वेदी को विद्युत चोरी करते हुए पाया गया था। मामले में 21 अगस्त 2026 को थाना विद्युत चोरी निरोधक जनपद औरैया में धारा 135 भारतीय विद्युत अधिनियम के तहत मुकदमा अपराध संख्या 642/2026 दर्ज किया गया था।

मुकदमा दर्ज होने के अगले दिन 22 अगस्त को ओमकांत के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया। फोन करने वाले व्यक्ति के नंबर पर ट्रूकॉलर में दरोगा कृष्णकांत प्रजापति का नाम प्रदर्शित हो रहा था। कॉलर ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए ओमकांत से कहा कि यदि वह मुकदमे की कार्रवाई से बचना चाहता है तो पैसे देने होंगे।

आरोपी ने एफआईआर दर्ज न करने के एवज में 15 हजार रुपये की मांग की और भुगतान के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड भी भेजा। ओमकांत ने इस संबंध में विद्युत विभाग के अवर अभियंता होरीलाल को जानकारी दी। इसके बाद मामले की शिकायत साइबर थाने में की गई।

साइबर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा

अवर अभियंता होरीलाल की तहरीर के आधार पर साइबर थाना औरैया में मुकदमा अपराध संख्या 26/2026 के तहत धारा 319(2), 318(4) बीएनएस एवं 66(D) आईटी एक्ट में अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए मोबाइल नंबर, बैंक खातों, क्यूआर कोड तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की।

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के साथ मुखबिर की सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस टीम ने 4 अक्टूबर 2026 को ककोर बंबा के पास से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुकदमे में धारा 3(5) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

मुकदमे से जुड़े लोगों की जानकारी निकालकर बनाते थे निशाना

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनका एक अन्य साथी विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों, जैसे UP COP, से मुकदमों से संबंधित लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था। इसके बाद आरोपी कृष्णकांत और मोहित यादव पुलिस अधिकारी बनकर संबंधित लोगों को फोन करते थे।

आरोपियों के अनुसार फोन पर मुकदमे का निस्तारण या सेटिलमेंट कराने के नाम पर पैसों की मांग की जाती थी। रकम प्राप्त करने के लिए व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड भेजे जाते थे और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे मंगाए जाते थे।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सिम कार्ड और बैंक खाते अन्य लोगों को पैसों का लालच देकर प्राप्त किए जाते थे। पुलिस अब आरोपियों के अन्य साथियों और इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों एवं मोबाइल नंबरों की भी जांच कर रही है।

मप्र के रहने वाले हैं दोनों आरोपी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णकांत यादव पुत्र रामस्वरूप यादव, निवासी ज्योरामोरा, थाना पृथ्वीपुर, जनपद निवाड़ी, मध्य प्रदेश, उम्र करीब 24 वर्ष तथा मोहित यादव पुत्र ग्यादीन यादव, निवासी ग्राम गोवा पश्चिम, थाना पृथ्वीपुर, जनपद निवाड़ी, मध्य प्रदेश, उम्र करीब 24 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस ने दोनों के कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन की तकनीकी जांच के माध्यम से पुलिस ठगी के अन्य मामलों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।

साइबर अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी आम लोगों को डराकर या पुलिस एवं अन्य सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे मामलों में लोगों को किसी भी अज्ञात व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे भेजने से बचना चाहिए।

यदि कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बनकर मुकदमे से संबंधित कार्रवाई रोकने अथवा समझौता कराने के नाम पर पैसे मांगता है तो तत्काल संबंधित थाने अथवा साइबर पुलिस को सूचना देनी चाहिए।

इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार तथा उपनिरीक्षक हेमंत चौधरी शामिल रहे। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।