बुलंदशहर में गोमूत्र से जैविक खाद बनाने की पहल, 10 रुपये लीटर खरीदा जा रहा गोमूत्र

गोवंश संरक्षण, जैविक खेती और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में उप्र के बुलंदशहर जनपद में एक नई पहल शुरू की गई है।

बुलंदशहर में गोमूत्र से जैविक खाद बनाने की पहल, 10 रुपये लीटर खरीदा जा रहा गोमूत्र
Published By- Diwaker Mishra

बुलंदशहर से सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट  

बुलंदशहर/जनमत न्यूज़। गोवंश संरक्षण, जैविक खेती और ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में उप्र के बुलंदशहर जनपद में एक नई पहल शुरू की गई है। स्याना तहसील क्षेत्र के नरसैना गांव से किसान उत्पादक संगठन (FPO) के माध्यम से गोमूत्र खरीदकर उससे जैविक खाद, कीटनाशक और कृषि उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

डॉ. प्रवीन कुमार के नेतृत्व में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट से आसपास के करीब 15 गांवों को जोड़ा गया है। पशुपालकों से 10 रुपये प्रति लीटर की दर से गोमूत्र खरीदा जा रहा है।

इसके लिए गांवों में संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं, जहां 200 लीटर क्षमता के टैंक लगाए गए हैं। स्थानीय स्तर पर व्यवस्था होने से पशुपालकों को गोमूत्र पहुंचाने के लिए दूर नहीं जाना पड़ रहा है।

परियोजना के तहत वर्तमान में प्रतिदिन करीब 500 लीटर गोमूत्र एकत्र किया जा रहा है। इसके बाद गोमूत्र में विभिन्न जड़ी-बूटियां मिलाकर जैविक खाद, कीटनाशक और खेती में उपयोग होने वाले अन्य उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

इन उत्पादों को तरल, ठोस और पाउडर के रूप में तैयार कर स्थानीय समितियों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। इस पहल में ग्रामीण महिलाओं को भी जोड़ा गया है।

करीब 300 महिलाओं को शेयर होल्डर बनाया गया है, जबकि गोमूत्र संग्रह में सहयोग करने वाली महिलाओं को दो रुपये प्रति लीटर कमीशन दिया जा रहा है। इससे पशुपालक परिवारों को दूध के अलावा गोमूत्र से भी अतिरिक्त आय का जरिया मिल रहा है।

प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों का कहना है कि इस मॉडल का उद्देश्य गोवंश संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और प्राकृतिक खेती से जोड़ना है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा रहे जैविक उत्पादों के जरिए किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।