कौशाम्बी पहुंचे डिप्टी सीएम ने सपा मुखिया पर साधा निशाना, भाजपा में शामिल होने का दिया ऑफर
उप्र के कौशाम्बी जनपद पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। 2014 के पहले भारत के क्षेत्रफल के बारे में डिप्टी सीएम ने सवाल पर कहा कि 2014 से पहले जो था वह अभी भी है, अभी विस्तार होने जा रहा है।
कौशाम्बी से राहुल भट्ट की रिपोर्ट
कौशाम्बी/जनमत न्यूज़। उप्र के कौशाम्बी जनपद पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। 2014 के पहले भारत के क्षेत्रफल के बारे में डिप्टी सीएम ने सवाल पर कहा कि 2014 से पहले जो था वह अभी भी है, अभी विस्तार होने जा रहा है।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हम तिरंगा फहराने जा रहे हैं। और अखिलेश यादव को अगर मुस्लिम वोट बैंक के लालच में पीठ नहीं दिखानी है तो अखिलेश यादव भाजपा के साथ आये।
अभी तो हम उनको कहे थे कि भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर मंदिर बनाना बाकी है, ईदगाह हटाने के लिए वहां साथ में आए। बाबा विश्वनाथ के मंदिर पर ज्ञानव्यापी मस्जिद बनी है उसको हटाने के लिए साथ आये। लेकिन वहां तो उनको मुस्लिम वोट बैंक दिखाई देगा।
लेकिन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा जैसे विषय को, जिसके दोषी पकड़े जा चुके हैं, जिस पर कार्रवाई हो चुकी है, उस पर रोज बयानबाजी करना, लोकसभा और विधानसभा का समय खराब करना, यह अखिलेश यादव को डुबो देगा।
उनकी सपा भी डूबेगी, यह भी डूबेंगे और इनका राजनीतिक भविष्य भी अंधकार में होगा। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस बहुत धूमधाम से पूरे देश में मनाया गया।
लेकिन सबसे अच्छा जो रहा है, कल 'वंदे मातरम' जो राष्ट्रीय गीत है उसके सभी 6 अंतरें गाने का काम लाल किले की प्राचीर से भी हुआ और जहां पर भी राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया वहां हुआ लेकिन देश के लिए अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्टी जो देश की अपने को सबसे पुरानी पार्टी बताती है, उसने 'वंदे मातरम' के सभी 6 छंद गाने की जगह सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने उसमें व्यवधान डालने का काम किया।
हम उनसे मांग करेंगे कि वह देश से माफी मांगें और इनके खिलाफ राष्ट्रीय गीत का जो अनादर किया गया है, उसके लिए कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार इसलिए भी है कि जब 1947 में इसके बंटवारे की परिस्थिति आई, तो वोट बैंक की राजनीति के कारण इन लोगों ने देश का बंटवारा स्वीकार कर लिया और मुस्लिम लीग की तरह आचरण वर्तमान में भी करने का काम किया है। और इसकी भारी कीमत कांग्रेस पार्टी को चुकानी पड़ेगी।







