सहारनपुर PNB करेंसी चेस्ट में करोड़ों की गड़बड़ी, जांच के लिए पहुंचे अधिकारी; आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश
उप्र के सहारनपुर शहर के घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट की पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान सामने आई बड़ी गड़बड़ी ने बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सहारनपुर से अनिल वर्मा की रिपोर्ट
सहारनपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के सहारनपुर शहर के घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट की पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान सामने आई बड़ी गड़बड़ी ने बैंकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में कम गुणवत्ता वाले नकली नोट पाए जाने और असली करेंसी के गायब होने का मामला सामने आया है।
शुरुआती एफआईआर के मुताबिक करीब 7 करोड़ 40 लाख रुपये के गबन की बात सामने आई है। हालांकि, बैंक में नोटों की गिनती अभी लगातार जारी है, इसलिए अंतिम आंकड़ा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी अरविंद चौहान और एसएसपी अभिनंदन आज पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर करेंसी चेस्ट का निरीक्षण किया और बैंक अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।
मौके पर डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में कुछ लो-क्वालिटी फेक नोट पाए गए हैं, जबकि इसके मुकाबले असली नोट गायब मिले हैं। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई है और प्रथम दृष्टया जिन लोगों की संलिप्तता सामने आई है, उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
डीआईजी ने बताया कि बैंक के अधिकारियों की ओर से लगातार करेंसी की गिनती की जा रही है। बैंक की तरफ से इसका पूरा लेखा-जोखा तैयार किया जा रहा है कि कितनी नकली करेंसी बरामद हुई है और कितनी असली करेंसी गायब है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अभिनंदन ने एसआईटी का गठन किया है। वहीं जिलाधिकारी के स्तर से लीड बैंक मैनेजर को भी जांच की प्रक्रिया में शामिल किया गया है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।
डीआईजी अभिषेक सिंह ने कहा कि मामले में जो भी लोग गबन में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर गबन की गई धनराशि की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।
डीआईजी के मुताबिक, शुरुआती एफआईआर में करीब 7 करोड़ 40 लाख रुपये के गबन का उल्लेख है। हालांकि करेंसी चेस्ट में अभी भी नोटों की गिनती जारी है। बैंक की ओर से आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध कराए जाने के बाद गबन और नकली नोटों की वास्तविक मात्रा की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी.




