हरदोई में सपा नेता के बिगड़े बोल, जिला पंचायत अध्यक्ष पर की जातिसूचक टिप्पणी; दर्ज होगा मुकदमा

उप्र के हरदोई में जनपद में समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली के एक बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।

हरदोई में सपा नेता के बिगड़े बोल, जिला पंचायत अध्यक्ष पर की जातिसूचक टिप्पणी; दर्ज होगा मुकदमा
Published By- Diwaker Mishra

हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट

हरदोई/जनमत न्यूज़। उप्र के हरदोई में जनपद में समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली के एक बयान ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। गोपामऊ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित पीडीए सम्मेलन के मंच से शराफत अली ने भाजपा की जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा को लेकर आपत्तिजनक और जातिसूचक टिप्पणी की।

बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सियासी घमासान शुरू हो गया। प्रेमावती ने पलटवार करते हुए टिप्पणी को निंदनीय और गाली करार दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वह पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएंगी और मुकदमा करेंगी।

खास बात यह है कि शराफत अली पहले भी महिला नेताओं को लेकर अपनी बयानबाजी के चलते विवादों में रह चुके हैं। वायरल वीडियो में निवर्तमान सपा जिलाध्यक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा को लेकर आरक्षण और उनके सामाजिक जीवन से जोड़ते हुए टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं।

शराफत अली ने कहा कि अगर स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने आरक्षण में संशोधन नहीं किया होता तो आज प्रेमावती उस कुर्सी पर नहीं बैठी होतीं, बल्कि धोबी घाट पर कपड़े साफ कर रही होतीं।

बयान सामने आने के बाद भाजपा नेताओं और स्थानीय राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। विवाद इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि टिप्पणी सीधे एक महिला जनप्रतिनिधि और उनकी जातीय पहचान से जोड़कर की गई है।

विवादित बयान पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती पीके वर्मा ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ की गई टिप्पणी निंदनीय और आपत्तिजनक है। प्रेमावती ने कहा कि उनके माता-पिता ने कभी उनके लिए अपशब्द नहीं कहे, लेकिन राजनीति में आने के बाद इस तरह की जातिसूचक टिप्पणी सुननी पड़ रही है।

उन्होंने अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि परिवार ने उन्हें पढ़ाया-लिखाया और शिक्षक बनाया, जिसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा।

प्रेमावती ने कहा कि ऐसी टिप्पणी उनके लिए बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने साफ ऐलान किया कि वह शराफत अली के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट करेंगी और मुकदमा दर्ज कराएंगी।

प्रेमावती ने आरक्षण को किसी व्यक्ति विशेष की देन नहीं, बल्कि संवैधानिक व्यवस्था बताया। अब वायरल वीडियो और प्रेमावती के मुकदमे के ऐलान के बाद हरदोई की सियासत में इस विवाद के और गरमाने के आसार हैं।