श्रावस्ती में ओवैसी की हुंकार; सपा को बताया 'चाइना का माल', अखिलेश को दी गिरेबान पकड़ने की चेतावनी

उत्तर प्रदेश की सियासत में आज श्रावस्ती जनपद का भिनगा विधानसभा क्षेत्र सबसे बड़ा सियासी अखाड़ा बन गया। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने न सिर्फ चुनावी बिगुल फूंका, बल्कि समाजवादी पार्टी के मजबूत किले में सीधी सेंधमारी कर दी है।

श्रावस्ती में ओवैसी की हुंकार; सपा को बताया 'चाइना का माल', अखिलेश को दी गिरेबान पकड़ने की चेतावनी
Published By- Diwaker Mishra

बहराइच से रिजवान खान की रिपोर्ट

बहराइच/जनमत न्यूज़। उत्तर प्रदेश की सियासत में आज श्रावस्ती जनपद का भिनगा विधानसभा क्षेत्र सबसे बड़ा सियासी अखाड़ा बन गया। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने न सिर्फ चुनावी बिगुल फूंका, बल्कि समाजवादी पार्टी के मजबूत किले में सीधी सेंधमारी कर दी है।

​बसपा छोड़कर आए कद्दावर नेता दद्दन खां को भिनगा से प्रत्याशी घोषित करते हुए ओवैसी ने अखिलेश यादव पर वो सियासी तीर चलाए हैं, जिनकी गूंज लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सुनाई दे रही है।

​ओवैसी ने कहा जब इस देश में किराए का कमरा किसी कुंवारे को नहीं मिलता, तो फिर इतना बड़ा उत्तर प्रदेश कुंवारों के हाथ कैसे दे दिया गया भाई? और समाजवादी पार्टी वाले कहां थे?

जब श्रावस्ती के अंदर मदरसों और मस्जिदों पर बुलडोजर चल रहा था, तब अखिलेश यादव और उनकी पार्टी कहां छिपी बैठी थी? ये समाजवादी पार्टी कुछ नहीं, सिर्फ चाइना का माल है, जो ज्यादा दिन टिकने वाला नहीं है।"​

भिनगा विधानसभा सीट- जो पिछले दो चुनावों से समाजवादी पार्टी का अभेद्य गढ़ मानी जाती रही है, जहां मुस्लिम समीकरण सपा की जीत की गारंटी माने जाते थे-आज उसी मंच से ओवैसी ने समाजवादी पार्टी की नीवों पर सीधे हथौड़ा चला दिया।

मंच संभालते ही ओवैसी का रुख आक्रामक था और निशाने पर सीधे अखिलेश यादव थे।​इंडिया गठबंधन को लेकर ओवैसी का गुस्सा मंच से साफ छलका, और उन्होंने ऐसी चेतावनी दी जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है।

हमने इंडिया अलायंस के लिए हाथ आगे बढ़ाया था, हमने कहा था कि मिलकर लड़ेंगे, लेकिन अखिलेश यादव ने कोई जवाब नहीं दिया। उनको लगता है कि हम खामोश बैठेंगे?

अखिलेश बाबू याद रखना, अगर मेरा हाथ दोस्ती के लिए आगे बढ़ सकता है, तो जरूरत पड़ने पर यही हाथ तुम्हारी गिरेबान तक भी पहुंच सकता है। लेकिन आज भी कहता हूं- अगर बाबा को सत्ता से बाहर करना है, तो मैं आज भी इंडिया अलायंस से हाथ मिलाने को तैयार हूं।"