पीलीभीत में पीडीए सम्मेलन, पूर्व राज्यमंत्री ने सरकार पर साधा निशाना; जमीन कब्जे और गन्ना भुगतान का उठाया मुद्दा

उप्र के पीलीभीत जनपद के तहसील अमरिया के माधौपुर स्थित रायल हैरिटेज रिसार्ट में रविवार शाम आयोजित पीडीए सम्मेलन में पूर्व राज्यमंत्री हेमराज ने प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए।

पीलीभीत में पीडीए सम्मेलन, पूर्व राज्यमंत्री ने सरकार पर साधा निशाना; जमीन कब्जे और गन्ना भुगतान का उठाया मुद्दा
Published By- Diwaker Mishra

पीलीभीत से प्रेम पाठक की रिपोर्ट

पीलीभीत/जनमत न्यूज़। उप्र के पीलीभीत जनपद के तहसील अमरिया के माधौपुर स्थित रायल हैरिटेज रिसार्ट में रविवार शाम आयोजित पीडीए सम्मेलन में पूर्व राज्यमंत्री हेमराज ने प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के प्रभाव में प्रशासन का इस्तेमाल आम जनता और राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता का दौर हमेशा एक जैसा नहीं रहता और समय आने पर जनता हर बात का जवाब देती है।

हेमराज ने कहा कि आम लोगों और कार्यकर्ताओं के कार्यक्रमों में प्रशासनिक दबाव बनाकर बाधा डालने की कोशिश की जाती है। उन्होंने कहा कि सत्ता के नशे में हूटर बजाने वालों को आने वाले समय में जनता के सवालों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा व्यवस्था का दौर जल्द बदलने वाला है।

जमीन कब्जे और गन्ना भुगतान पर सरकार को घेरा

पूर्व राज्यमंत्री ने जमीनों पर कथित कब्जे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में वास्तविक मालिक कोई और होता है, जबकि प्रभावशाली लोग जमीन पर कब्जा कर कागजात तैयार करा लेते हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और कमजोर लोगों की जमीनों पर कब्जे के मामलों का हिसाब लिया जाएगा।

उन्होंने गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। कहा कि किसानों का बड़ी धनराशि का गन्ना मूल्य बकाया है और किसान लगातार भुगतान की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

हेमराज ने राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार के जालीदार टोपी संबंधी बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में 127 विधानसभा क्षेत्र की जनता इसका जवाब देगी।

रास्तों और गलियों को बंद कराने के मुद्दे पर भी उन्होंने सवाल उठाए और आरोप लगाया कि पहले लोगों को परेशान किया जाता है और बाद में बीच-बचाव के नाम पर राजनीति की जाती है।

सम्मेलन में हेमराज के संबोधन के दौरान समर्थकों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी। उनके तीखे तेवरों के चलते कार्यक्रम का माहौल राजनीतिक रूप से गरमाया रहा।