पीलीभीत: 30 वर्ष के विलंबित गन्ना भुगतान के आंकड़ों की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन, जमा किए 523 आवेदन

उप्र के पीलीभीत जनपद के किसानों के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग को लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया।

पीलीभीत: 30 वर्ष के विलंबित गन्ना भुगतान के आंकड़ों की मांग को लेकर किसानों का प्रदर्शन, जमा किए 523 आवेदन
Published By- Diwaker Mishra

पीलीभीत से प्रेम पाठक की रिपोर्ट  

पीलीभीत/जनमत न्यूज़। उप्र के पीलीभीत जनपद के किसानों के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग को लेकर गुरुवार को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया।

संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर श्रवण दत्त सिंह के नेतृत्व में किसानों ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ द्वारा जनहित याचिका संख्या 7066/2006 (वी.एम. सिंह बनाम राज्य सरकार एवं अन्य) में 16 जुलाई 2026 को पारित आदेश के अनुपालन में पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक के विलंबित गन्ना भुगतान का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की।

किसानों ने विभागीय अधिकारियों को आवेदन सौंपते हुए प्रत्येक किसान के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान का वर्षवार विवरण उपलब्ध कराने की मांग की। इस दौरान किसानों की ओर से लगभग 523 आवेदन जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में जमा किए गए।

जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव की अनुपस्थिति में गन्ना विकास निरीक्षक जगपाल सिंह ने किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभाग की ओर से किसानों को जल्द से जल्द करीब 30 वर्षों का भुगतान संबंधी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया। किसानों ने मांग की कि रिकॉर्ड 28 अगस्त तक उपलब्ध कराया जाए, ताकि 30 अगस्त को होने वाली न्यायालय की कार्यवाही में इसे प्रस्तुत कर 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग की जा सके।

किसानों के हित में जारी रहेगा संघर्ष : श्रवण दत्त सिंह

संगठन के जिलाध्यक्ष ठाकुर श्रवण दत्त सिंह ने कहा कि किसान वर्षों से अपने गन्ने का भुगतान समय पर पाने के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद विभाग को पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक प्रत्येक किसान के 14 दिन से अधिक विलंबित गन्ना भुगतान का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को यह विवरण 28 अगस्त तक उपलब्ध कराया जाए, जिससे 30 अगस्त को न्यायालय के समक्ष रिकॉर्ड प्रस्तुत कर किसानों के हक के ब्याज की मांग की जा सके।

उन्होंने कहा कि यदि समय पर रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया तो राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन किसानों के हित में संघर्ष को और तेज करेगा और 29 अगस्त को जिला गन्ना आफ अधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

संगठन ने बताया कि इस संबंध में 5 अगस्त को जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव को ज्ञापन सौंपकर भुगतान संबंधी विवरण उपलब्ध कराने की मांग की थी। इसके बाद 17 अगस्त को जिलाध्यक्ष श्रवण दत्त सिंह के नेतृत्व में जिला उपाध्यक्ष नीरज शर्मा, जिला मंत्री महेंद्र पाल (सैजना) सहित दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था, जिसे सिटी मजिस्ट्रेट पीएल मौर्य के माध्यम से सौंपा गया था।

वहीं, जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव से टेलीफोन पर हुई वार्ता में उन्होंने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं। किसानों का भुगतान संबंधी रिकॉर्ड जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्ना विभाग किसानों का विभाग है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग सदैव तत्पर है।

प्रदर्शन को कांग्रेस नेता युसूफ मलिक ने भी समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वह किसानों के साथ हैं और विलंबित गन्ना भुगतान पर ब्याज दिलाने के लिए आवश्यक रिकॉर्ड किसानों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को ब्याज का भुगतान नहीं करना चाहती, इसलिए आंकड़े समय पर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान ठाकुर अजदत्त सिंह, एडवोकेट वकार उल हसन खान, कल सिंह, डॉ. राममूर्ति गंगवार, गुल्लू पहलवान, नत्थू लाल, अरविंद कुमार, फूलचंद आचार्य, चेतराम वर्मा अमीन नगर समेत राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।