मिर्जापुर: विवादों के कारण बदनाम हो रहा है विंध्याचल मंदिर, आपस में ही भिड़ जाते हैं पण्डा-पुजारी
उप्र के मिर्जापुर जनपद के विंध्याचल मंदिर में आए दिन होने वाले विवादों के कारण बदनाम होता जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के बाद दर्शनार्थियों को दर्शन कराने लेकर दो पण्डा आपस मे भिड़ गए।
मिर्जापुर से आनन्द तिवारी की रिपोर्ट
मिर्जापुर/जनमत न्यूज़। उप्र के मिर्जापुर जनपद के विंध्याचल मंदिर में आए दिन होने वाले विवादों के कारण बदनाम होता जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के बाद दर्शनार्थियों को दर्शन कराने लेकर दो पण्डा आपस मे भिड़ गए।
सुरक्षा व्यवस्था को आईना दिखाया जा रहा है। कभी पुलिस और दर्शनार्थियों में विवाद होता है तो कभी दर्शन कराने को लेकर आपस में पंडित पुजारी ही भिड़ जाते हैं। यह मंदिर को बदनाम करने में जरा भी कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
लोगों के आस्था से जुड़ा हुआ मंदिर अब अखाड़ा बनता जा रहा। मंदिर में आने जाने वाले यात्रियों की सुविधा और व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन नियुक्त किया गया है लेकिन पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में जब यहां धर्म का प्रचार प्रसार करने वाले पंडित पुजारी ही आपस में भिड़ जाते हैं तो यह काफी शर्मनाक कृत्य होता है। जिसका आए दिन वीडियो फोटो वायरल होती रहती है।
आखिर उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा जब बिना कॉरिडोर बनाया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए इस तरह का मंदिर में मारपीट का होना दर्शनार्थियों के लिए अराजक माहौल को पैदा करता है।
अब लोग विंध्याचल दर्शन के नाम से पहले सोचने को विवश होते हैं कि कहीं पुलिसकर्मी और पंडा पुजारी से विवाद में न हो जाए जैसा कि अभी एक सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ है इसमें दो पुजारी आपस में ही भिड़ गए।
जबकि वहां ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों नेदोनों पक्षों को अलग कर विवाद को हल करने का प्रयास किया लेकिन वही दूसरा वीडियो फुटेज भी वायरल हुआ जहां कुछ लोग एक दूसरे पुजारी को पकड़कर ले जा रहे हैं और वहां ले जाकर के बाहर मारपीट का दौर शुरू हो गया।
इस तरह का कृत्य धर्म और आस्था को बदनाम करता नजर आ रहा जिससे लोग बिध्यवासिनी मंदिर के साख को धब्बा लगा रहा है। ऐसे लोगो पर रोकथाम निहायत जरूरी है। इस मामले को मंदिर प्रबंधन समिति को विशेष तौर पर ध्यान देना चाहिए।


