राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संत प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद, एकांतिक वार्तालाप और अध्यात्म पर हुई चर्चा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने ब्रज प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने पहुंचीं।
विशेष रिपोर्ट अभिलाष भट्ट
मथुरा/जनमत न्यूज़। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने ब्रज प्रवास के दूसरे दिन शुक्रवार को वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने पहुंचीं। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राष्ट्रपति ने 'श्रीहित राधा केलि कुंज आश्रम' में महाराज श्री से भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस आध्यात्मिक मिलन ने न केवल ब्रजवासियों बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा है।
एकांतिक वार्तालाप और अध्यात्म पर चर्चा
आश्रम पहुंचने पर प्रेमानंद महाराज के शिष्यों और परिकरों ने राष्ट्रपति का भव्य एवं पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू और पूज्य महाराज के बीच एकांतिक वार्तालाप हुआ।
सूत्रों के अनुसार, इस भेंट के दौरान मुख्य रूप से अध्यात्म, निस्वार्थ सेवा और जनकल्याण जैसे गहन विषयों पर चर्चा की गई। राष्ट्रपति ने महाराज के सरल जीवन और उनके ओजस्वी आध्यात्मिक उपदेशों के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की। भेंट के दौरान आश्रम का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और शांत नजर आया।
इस्कॉन मंदिर में दर्शन और समाधि स्थल की परिक्रमा
इससे पहले, राष्ट्रपति ने गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर (श्री कृष्ण बलराम मंदिर) से की थी। भारी बारिश के बावजूद राष्ट्रपति ने पूरे भक्ति भाव के साथ मंदिर में दर्शन किए। उनके साथ उप्र की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। मंदिर प्रशासन के पंचगौड़ा दास और अन्य वरिष्ठ सदस्यों ने उनका स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने इस्कॉन के संस्थापक श्रील प्रभुपाद महाराज के समाधि स्थल के दर्शन कर परिक्रमा की और वैदिक मंत्रों के बीच भगवान की आरती उतारी। मंदिर की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य और संकीर्तन ने राष्ट्रपति को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रेम मंदिर में लेजर शो और संकीर्तन
वृंदावन यात्रा के अगले चरण में राष्ट्रपति 'प्रेम मंदिर' पहुँचीं। यहां मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ उनका स्वागत किया और श्री राधा-कृष्ण के युगल विग्रह के विशेष दर्शन कराए। राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर में आयोजित भव्य लेजर शो का भी अवलोकन किया।
दर्शन के दौरान संकीर्तन मंडली के 51 आश्रमवासियों द्वारा गाई गई आरती और भजनों ने माहौल को दिव्य बना दिया। मंदिर प्रशासन की ओर से महामहिम को आध्यात्मिक ग्रंथ और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
राष्ट्रपति का यह दौरा पूरी तरह आध्यात्मिकता और शांति के संदेश से ओतप्रोत रहा। खराब मौसम और तेज बारिश के बावजूद उनकी श्रद्धा में कोई कमी नहीं दिखी, जिसकी ब्रज के संतों ने सराहना की है।

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