रायबरेली: तालाब में मनरेगा कार्य के दौरान पेड़ काटकर बेचने का आरोप, उच्चाधिकारियों से शिकायत की तैयारी
उप्र के रायबरेली जनपद के सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा रुपामऊ में मनरेगा कार्य के दौरान तालाब में लगे शीशम और बबूल के पेड़ों को काटकर बेचने का गंभीर आरोप सामने आया है।
रायबरेली से महताब खान की रिपोर्ट
रायबरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के रायबरेली जनपद के सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा रुपामऊ में मनरेगा कार्य के दौरान तालाब में लगे शीशम और बबूल के पेड़ों को काटकर बेचने का गंभीर आरोप सामने आया है।
गांव निवासी मिंटू सिंह ने ग्राम प्रधान देवी मौर्या और उनके प्रतिनिधि राहुल मौर्या पर पेड़ों को कटवाकर बेचने का आरोप लगाया है। मिंटू सिंह का कहना है कि ग्राम सभा में तालाब पर मनरेगा के तहत कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान तालाब परिसर में लगे शीशम और बबूल के पेड़ों को काटे जाने की जानकारी उन्हें हुई।
उन्होंने इस संबंध में ग्राम पंचायत के लेखपाल और सेक्रेटरी से जानकारी मांगी, लेकिन आरोप है कि दोनों ने मामले की जानकारी होने से इनकार करते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। मिंटू सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि यदि पेड़ों की कटान और बिक्री की गई है तो इसकी जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही इस मामले की शिकायत संबंधित उच्चाधिकारियों से करेंगे।
वहीं, मामले में ग्राम प्रधान पक्ष का कहना है कि लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित अधिकारियों से भी मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की गई है।




