हरदोई में जमीनी रंजिश में गोलीकांड, किसान को मारी गोली; KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर

उप्र के हरदोई जनपद की बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में रविवार शाम जमीन के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। धरौली गांव के पास बाइक से जा रहे 55 वर्षीय किसान बलविंदर सिंह पुत्र लखबीर सिंह को घात लगाकर गोली मार दी गई।

हरदोई में जमीनी रंजिश में गोलीकांड, किसान को मारी गोली; KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर
Published By- Diwaker Mishra

हरदोई से सुनील कुमार की रिपोर्ट

हरदोई/जनमत न्यूज़। उप्र के हरदोई जनपद की बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र में रविवार शाम जमीन के विवाद ने खूनी रूप ले लिया। धरौली गांव के पास बाइक से जा रहे 55 वर्षीय किसान बलविंदर सिंह पुत्र लखबीर सिंह को घात लगाकर गोली मार दी गई।

गोली उनके सीने में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस के कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।

जानकारी के अनुसार, बलविंदर सिंह अटवा गांव स्थित चक्की पर आटा लेने जा रहे थे। आरोप है कि हरपाल सिंह के झाले से करीब 500 मीटर आगे पहले से घात लगाए बैठे धरौली गांव के रहने वाले रामशंकर विश्वकर्मा पुत्र ठाकुर प्रसाद ने उन पर फायर झोंक दिया।गोली लगते ही बलविंदर सिंह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।

फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा उन्हें तत्काल सीएचसी कोथावां ले जाया गया। वहां से जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ के KGMU ट्रॉमा सेंटर भेज दिया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

घायल के पुत्र हरपाल सिंह ने बताया कि उनके पिता ने कई वर्ष पहले राजेश विश्वकर्मा उर्फ फौजी के हिस्से की करीब 21 बीघा जमीन का बैनामा कराया था। आरोप है कि उसी जमीन को लेकर राजेश का भाई रामशंकर विश्वकर्मा लगातार विरोध कर रहा था। उस समय रामशंकर एक हत्या के मामले में जेल में बंद था।

जेल से छूटने के बाद से वह जमीन के सौदे को लेकर रंजिश मानने लगा और कई बार परिवार को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। परिजनों का आरोप है कि जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया।

परिजनों ने यह भी दावा किया कि करीब एक वर्ष पहले खेत की जुताई के दौरान भी बलविंदर सिंह पर फायरिंग की गई थी। उस मामले की शिकायत बेनीगंज कोतवाली में की गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि उस समय पुलिस सख्ती दिखाती तो आज यह घटना नहीं होती।

परिजनों का यह भी आरोप है कि आरोपी पक्ष लगातार दबाव बना रहा था और जमीन वापस करने की बात कह रहा था। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और नामजद आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। वहीं गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है।