निर्वाचन आयोग पर निराधार आरोप लगाने के बजाय तथ्य और प्रमाण सामने रखे विपक्ष: डॉ. आरती तिवारी

उप्र के बलरामपुर जनपद की जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.आरती तिवारी ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में निर्वाचन आयोग, ईवीएम-वीवीपैट तथा SIR को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा की ओर से अपना पक्ष रखा।

निर्वाचन आयोग पर निराधार आरोप लगाने के बजाय तथ्य और प्रमाण सामने रखे विपक्ष: डॉ. आरती तिवारी
Published By- Diwaker Mishra

बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट

बलरामपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर जनपद की जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.आरती तिवारी ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में निर्वाचन आयोग, ईवीएम-वीवीपैट तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा की ओर से अपना पक्ष रखा।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को सवाल पूछने और संस्थाओं की आलोचना करने का अधिकार है,लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठाते समय तथ्यों और प्रमाणों का सम्मान करना भी आवश्यक है।

डॉ.आरती तिवारी ने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक एवं संगठनात्मक कमजोरियों का आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनावी परिणामों के बाद निर्वाचन आयोग, ईवीएम तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय विपक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण जनता के सामने रखने चाहिए।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग अपनी वेबसाइट और मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया,मतदाता सेवाओं और ईवीएम-वीवीपैट से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करता है।

आयोग के अनुसार ईवीएम में बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट शामिल हैं तथा वीवीपैट के माध्यम से मतदाता को अपने मत की पुष्टि करने के लिए पर्ची दिखाई जाती है। आयोग ने ईवीएम एवं वीवीपैट की जांच तथा निर्वाचन प्रक्रिया में अपनाए जाने वाले विभिन्न सुरक्षा उपायों की जानकारी भी उपलब्ध कराई है।

SIR को लेकर भ्रम फैलाने के बजाय सही जानकारी दें

जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया है। निर्वाचन आयोग के वर्तमान नागरिक सेवा पोर्टल पर SIR-2026 से संबंधित सेवाएं,अंतिम SIR मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा तथा नए मतदाता पंजीकरण के लिए Form-6 उपलब्ध है।

उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को जागरूकता एवं सहयोग की भूमिका निभानी चाहिए। निर्वाचन आयोग के अनुसार पात्र भारतीय नागरिक नए मतदाता के रूप में Form-6 के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।

संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा का सम्मान जरूरी

डॉ.आरती तिवारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग संविधान के तहत गठित स्थायी संवैधानिक संस्था है,जिसे संसद,राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनावों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। आयोग की वर्तमान संरचना में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त हैं तथा आयोग के निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं द्वारा ईवीएम,निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय उपलब्ध दस्तावेजों,न्यायिक निर्णयों और निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।

विपक्ष से डॉ.आरती तिवारी के सवाल

  • उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे बिना प्रमाण के निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाने से बचें।
  • SIR और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर जनता में भ्रम न फैलाएं।
  • हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने में सहयोग करें।
  • ईवीएम एवं वीवीपैट से जुड़े आरोपों को तथ्य और प्रमाण सहित सार्वजनिक करें।
  • संवैधानिक संस्थाओं तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रतिष्ठा का सम्मान करें।

डॉ.आरती तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का पूरा अधिकार है,लेकिन असहमति तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है और राजनीतिक दलों को चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच सही एवं प्रमाणित जानकारी पहुंचाने में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

प्रेस वार्ता के दौरान जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस,जिला महामंत्री डॉ.अजय सिंह ‘पिंकू’ तथा अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी उपस्थित रहे।