बलरामपुर: केंद्रीय मंत्री ने पोषण कार्यक्रम का किया शुभारंभ, प्रतिदिन चार हजार बच्चों को निःशुल्क मिलेगा पौष्टिक आहार
उप्र के बलरामपुर जनपद में बच्चों को कुपोषण से सुरक्षित रखने तथा उनके बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जोमैटो/फीडिंग इंडिया द्वारा विकासखंड रेहरा बाजार की 21 ग्राम पंचायतों के 60 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को निःशुल्क, ताजा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट
बलरामपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर जनपद में बच्चों को कुपोषण से सुरक्षित रखने तथा उनके बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए जोमैटो/फीडिंग इंडिया द्वारा विकासखंड रेहरा बाजार की 21 ग्राम पंचायतों के 60 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को निःशुल्क, ताजा एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
बाबू आर.पी. वर्मा एजुकेशन एकेडमी, रेहरा बाजार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री द्वारा अपने दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन करने वाले रेहरा बाजार के 10 आंगनबाड़ी केंद्रों एवं 10 आशा कार्यकर्ताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं द्वारा मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।
स्वस्थ बच्चे ही सशक्त और उज्ज्वल भारत की नींव
केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा कि बच्चों का बेहतर स्वास्थ्य और उचित पोषण किसी भी सशक्त राष्ट्र की बुनियाद है। बच्चे स्वस्थ होंगे तो देश का भविष्य भी उज्ज्वल एवं सशक्त होगा। बच्चों को प्रारंभिक अवस्था में पर्याप्त एवं संतुलित पोषण उपलब्ध कराना उनके शारीरिक विकास के साथ-साथ मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि Feeding India द्वारा देशभर में कुपोषण की चुनौती से निपटने एवं जरूरतमंद बच्चों तक पौष्टिक भोजन पहुंचाने की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। संस्था द्वारा देशभर में अब तक 30 करोड़ से अधिक भोजन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जनपद बलरामपुर के विकासखंड रेहरा बाजार में प्रारंभ की जा रही इस पहल के अंतर्गत प्रतिदिन लगभग 4,000 बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ाने और उन्हें स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक शिक्षा की अन्य सेवाओं से जोड़ने में भी सहायता मिलेगी।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई केवल सरकार या किसी एक संस्था तक सीमित नहीं है। इसमें प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, अभिभावकों एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता महत्वपूर्ण है। सभी के समन्वित प्रयास से प्रत्येक बच्चे तक बेहतर पोषण एवं स्वस्थ जीवन का अवसर पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंतर्गत विकासखंड रेहरा बाजार की 21 ग्राम पंचायतों के 60 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को निःशुल्क, ताजा, गर्म एवं पोषणयुक्त नाश्ता तथा दोपहर का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
पहल का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण की रोकथाम, उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के साथ पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को और प्रभावी बनाना है।
कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए विकासखंड रेहरा बाजार के अचलपुर चौधरी में आधुनिक केंद्रीय रसोई स्थापित की जाएगी। यहां निर्धारित पोषण एवं स्वच्छता मानकों के अनुरूप प्रतिदिन ताजा एवं पौष्टिक भोजन तैयार किया जाएगा।
तैयार भोजन को 05 विशेष वाहनों के माध्यम से निर्धारित समय पर संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। भोजन तैयार करने से लेकर वितरण तक गुणवत्ता, स्वच्छता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बच्चों को विविध एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराने के लिए 12 दिवसीय रोटेशन मेन्यू तैयार किया गया है। इसमें पोहा, दूध का दलिया, इडली-सांभर, अमरंथ एवं केले की खीर, वेजिटेबल सेवई, गेहूं एवं रागी का दलिया, मौसमी फल, गुड़-चना सहित विभिन्न पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
दोपहर के भोजन में दाल, चावल, रोटी, मौसमी सब्जियां, पालक-बेसन कढ़ी, चना-पालक दाल, पनीर-वेजिटेबल पुलाव एवं अन्य संतुलित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जाएंगे। कार्यक्रम की प्रभावी निगरानी के लिए तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा।
लाभार्थियों की उपस्थिति तथा भोजन वितरण की निगरानी के साथ बच्चों के वजन, लंबाई एवं अन्य पोषण संबंधी मानकों का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजर एवं बाल विकास परियोजना से जुड़े कार्मिकों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किए जाने के साथ प्रत्येक केंद्र पर भोजन की प्राप्ति का दैनिक सत्यापन एवं नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विशेष प्रयासों से जनपद में बच्चों को कुपोषण से सुरक्षित रखने एवं बेहतर पोषण उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल साकार हुई है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निगरानी तथा संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे इसका लाभ लक्षित बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पहुंचे।
उन्होंने कहा कि इस पहल से आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक बाल विकास के प्रभावी केंद्र के रूप में और सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी। बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ने से उन्हें पोषण के साथ प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण एवं अन्य आवश्यक सेवाओं से भी प्रभावी रूप से जोड़ा जा सकेगा।
कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के आधार पर भविष्य में इसे चरणबद्ध रूप से अन्य आंगनबाड़ी केंद्रों तक विस्तारित किए जाने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर विधायक उतरौला राम प्रताप वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, जोमैटो/फीडिंग इंडिया के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



