हाथरस: CDO पर रिश्वत मांगने और झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप, ग्राम प्रधान का दावा

उप्र के हाथरस जिले के विकासखंड हसायन की ग्राम पंचायत हैथा रघुनापुर के प्रधान अशोक अग्निहोत्री ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

हाथरस: CDO पर रिश्वत मांगने और झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप, ग्राम प्रधान का दावा
Published By- Diwaker Mishra

हाथरस से होमेश मिश्रा की रिपोर्ट

हाथरस/जनमत न्यूज़। उप्र के हाथरस जिले के विकासखंड हसायन की ग्राम पंचायत हैथा रघुनापुर के प्रधान अशोक अग्निहोत्री ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दावा किया कि सीडीओ ने उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

रिश्वत देने से इनकार करने पर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराकर गिरफ्तार कराया गया। प्रधान के अनुसार, विपक्षियों की शिकायत के बाद सीडीओ ने उन्हें अपने कार्यालय बुलाया और कथित रूप से एक लाख रुपये की मांग की।

उनका आरोप है कि रुपये देने से इनकार करने पर सीडीओ ने यह कहते हुए दबाव बनाया कि उनकी पत्नी भाजपा की जिला अध्यक्ष हैं और उनकी पहुंच मुख्यमंत्री तक है, इसलिए उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।

अशोक अग्निहोत्री ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत का कंप्यूटर खराब हो गया था। इसकी सूचना सचिव के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दी गई और 24 नवंबर को एडीओ पंचायत को पत्र लिखकर कंप्यूटर ठीक कराने का अनुरोध किया गया।

उनका कहना है कि एडीओ पंचायत ने व्यवस्था न होने की बात कहते हुए प्रधान से स्वयं कंप्यूटर ठीक कराने को कहा, जिसके बाद उसे दिल्ली के एक सर्विस सेंटर भेजा गया।

प्रधान का आरोप है कि 22 दिसंबर को बिना किसी पूर्व सूचना के उनकी वित्तीय शक्तियां (पावर) सीज कर दी गईं। उन्होंने बताया कि कंप्यूटर के भुगतान में असमर्थ होने के कारण उन्होंने इसका अनुमान सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दिया था। बाद में सचिव ने फोन कर जानकारी दी कि सीडीओ उनके और प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।

प्रधान ने आरोप लगाया कि उन्होंने पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों को पत्र और व्हाट्सएप के माध्यम से दी, लेकिन इसके बावजूद सीडीओ और डीपीआरओ ने कथित रूप से साजिश रचकर हसायन थाने में झूठा मुकदमा दर्ज कराया और 24 जून को उन्हें गिरफ्तार करा दिया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।