कानपुर देहात: ज़िला पंचायत अध्यक्ष ने कांग्रेस और विपक्ष पर बोला हमला, कहा- INDI गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश

उप्र के ​कानपुर देहात जनपद की ज़िला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी ने प्रेस वार्ता कर चुनाव आयोग पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा हमला बोला है।

कानपुर देहात: ज़िला पंचायत अध्यक्ष ने कांग्रेस और विपक्ष पर बोला हमला, कहा- INDI गठबंधन के झूठ का पर्दाफाश
Published By- Diwaker Mishra

कानपुर देहात से अखिलेश त्रिवेदी की रिपोर्ट

कानपुर देहात/जनमत न्यूज़। उप्र के ​कानपुर देहात जनपद की ज़िला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी ने प्रेस वार्ता कर चुनाव आयोग पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर तीखा हमला बोला है।

नीरज रानी ने कहा कि चुनाव आयोग के हालिया संयुक्त बयान के बाद कांग्रेस और INDI गठबंधन के झूठ का पूरी तरह पर्दाफाश हो चुका है। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की बैठक में यह साफ कर दिया गया था कि SIR सहित सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने भी वैध ठहराया है।

कानपुर देहात में जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आयोग के संयुक्त बयान ने कांग्रेस और INDI गठबंधन की पोल खोलकर रख दी है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. एस. एस. संधू और विवेक जोशी की 26 सितंबर की बैठक में यह पूरी तरह स्पष्ट किया जा चुका है कि SIR सहित सभी प्रमुख निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे।

इतना ही नहीं, माननीय सुप्रीम कोर्ट भी 27 मई 2026 को इसे कानूनी रूप से वैध ठहरा चुका है। नीरज रानी ने एक अंग्रेजी दैनिक में छपी रिपोर्ट को तथ्यहीन और काल्पनिक बताते हुए कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखा पत्र किसी नीति या SIR से संबंधित नहीं था।

वह केवल डेपुटेशन पर आए एक अधिकारी की कार्यप्रणाली तक सीमित आंतरिक प्रशासनिक मामला था। उन्होंने साफ किया कि फॉर्म-6 के घोषणापत्र को भी सुप्रीम कोर्ट वैध ठहरा चुका है और किसी प्रक्रिया में कोई हेरफेर नहीं हुआ है।

विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए नीरज रानी ने कहा कि लगातार मिल रही हार से बौखलाई कांग्रेस अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रही है।

उन्होंने याद दिलाया कि कभी EVM को 'ब्लैक बॉक्स' बताना, कभी सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगना, तो कभी विदेशी मंचों से न्यायपालिका पर सवाल उठाना कांग्रेस का इतिहास रहा है। नीरज रानी ने मांग की है कि चुनाव आयोग के स्पष्ट रुख के बाद अब कांग्रेस को पूरे देश से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।