कुशीनगर: इंसानियत की मिसाल पेश अल्फ़ाज़ शेख को नेपाल सरकार ने किया सम्मानित, भेजा स्मृति चिन्ह
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच उप्र के कुशीनगर जनपद के 8 साल के अल्फाज शेख ने इंसानियत की मिसाल पेश की थी।
कुशीनगर से प्रदीप यादव की रिपोर्ट
कुशीनगर/जनमत न्यूज़। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और तबाही के बीच उप्र के कुशीनगर जनपद के 8 साल के अल्फाज शेख ने इंसानियत की मिसाल पेश की थी। अपनी गुल्लक की पूरी जमा रकम नेपाल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दान करने वाले अल्फाज को अब नेपाल सरकार ने सम्मानित किया है।
कुशीनगर के पडरौना तहसील क्षेत्र के बेतिया गांव निवासी अल्फाज शेख ने नेपाल में आई बाढ़ की तस्वीरें और खबरें टीवी व सोशल मीडिया पर देखी थीं। तबाही का मंजर देखकर अल्फाज ने अपनी करीब एक साल की बचत जरूरतमंदों की मदद के लिए देने का फैसला किया।
अल्फाज अपने पिता बाबू खान के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचा और तत्कालीन जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को पत्र देकर अपनी गुल्लक की रकम नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए अधिकृत राहत कोष में जमा कराने की अपील की थी।
अल्फाज की इस पहल की जानकारी नेपाल सरकार तक पहुंची। नेपाल सरकार की ओर से धन्यवाद पत्र और स्मृति चिह्न जिला प्रशासन को भेजा गया।
गांधी जयंती के मौके पर जिलाधिकारी संजय चौहान ने अल्फाज को कलेक्ट्रेट बुलाकर नेपाल सरकार की ओर से भेजा गया स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र सौंपा। सम्मान मिलने के बाद अल्फाज ने खुशी जताई।
अल्फाज के पिता बाबू खान ने नेपाल सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके बेटे ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ यानी पूरी दुनिया को एक परिवार मानने की भारतीय परंपरा को निभाया है।
नौ साल के अल्फाज की इस छोटी-सी पहल ने इंसानियत और मदद की बड़ी मिसाल पेश की है। मुश्किल वक्त में पड़ोसी देश के लोगों के लिए दिखाई गई उसकी संवेदना अब सम्मान का रूप ले चुकी है।



