उरई: SIR- 2026 को लेकर DM ने ग्राम रेवा में किया संवाद, मतदाताओं को दी प्रक्रिया की जानकारी
उप्र के उरई के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)–2026 के अंतर्गत जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ग्राम रेवा पहुंचकर ग्रामीणों के साथ संवाद किया।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के उरई जनपद के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)–2026 के अंतर्गत जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ग्राम रेवा पहुंचकर ग्रामीणों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रगति, नोटिस प्रक्रिया तथा मतदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी विस्तार से दी।
जिलाधिकारी ने बताया कि आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन के उपरांत गणना चरण में जिन मतदाताओं की मैपिंग पूर्व में हुए विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण–2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सकी है, उनके लिए क्रमबद्ध तरीके से नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जनपद के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार इन नोटिसों पर विधिवत सुनवाई कर रहे हैं।
उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के उद्देश्य ‘कोई भी मतदाता न छूटे’ को रेखांकित करते हुए कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में मतदाताओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दी गई है तथा जो मतदाता स्वयं उपस्थित नहीं हो सकते, वे लिखित प्राधिकरण के माध्यम से अपने प्रतिनिधि को सुनवाई के लिए भेज सकते हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉग-इन कर अपने नोटिस से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही वे ऑनलाइन माध्यम से नोटिस का उत्तर एवं आवश्यक अभिलेख अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बीएलओ के माध्यम से भी मतदाताओं को नोटिस उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे किसी को असुविधा न हो।
उन्होंने जन्मतिथि के आधार पर आवश्यक अभिलेखों की जानकारी देते हुए बताया कि 01 जुलाई 1987 से पूर्व जन्म वाले मतदाताओं को केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे, जबकि 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के मध्य जन्म वाले मतदाताओं को स्वयं के साथ माता अथवा पिता में से किसी एक के अभिलेख देने होंगे।
वहीं 02 दिसंबर 2004 के बाद जन्म वाले मतदाताओं को स्वयं के साथ माता एवं पिता दोनों के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। नोटिस के उत्तर में जन्मतिथि अथवा जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 अभिलेखों में से कोई एक अभिलेख प्रस्तुत किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने मतदाताओं से अपील की कि वे समयबद्ध तरीके से आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराकर मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करें, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक सशक्त हो सके।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मनोज अवस्थी, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सहित ग्रामवासी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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