उरई: जांच करने नगर पालिका पहुंचे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह, EO पर लगाया घूस देने का आरोप
पिछले पंद्रह दिन से सभासदों की शिकायत पर उरई के जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेठी का गठन जिसका अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेम चंद मौर्य थे साथ ही उप जिलाधिकारी सदर उत्तम तिवारी सदस्य और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदस्य के रूप में बनाए गए थे।
उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट
उरई/जनमत न्यूज़। पिछले पंद्रह दिन से सभासदों की शिकायत पर उरई के जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेठी का गठन जिसका अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेम चंद मौर्य थे साथ ही उप जिलाधिकारी सदर उत्तम तिवारी सदस्य और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदस्य के रूप में बनाए गए थे।
नगर पालिका में जांच के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह अकेले तय समय पर जाते है। उन्होंने दस्तावेज देने के लिए कई बार पत्राचार किया लेकिन नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी ((EO)) दस्तावेज देने में आनाकानी करते नजर आ रहे थे।
उन्होंने एक तिथि निर्धारित कर दी थी जिसमें यदि नगर पालिका जांच में यदि सहयोग नहीं करती तो 29 जुलाई को एक दर्जन कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ नगर पालिका के सभी रिकॉर्ड की स्क्रीनिंग की जाएगी जिसका मीडिया और सोशल मीडिया में लाइव प्रसारण होगा।
अपने वायदे के मुताबिक वह नगर पालिका पूरे लाव लश्कर के साथ पहुंचे, जहां उन्होंने सबसे पहले EO राम अचल कुरील के कमरे में गये। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने उनसे तीन वर्ष के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए कहा जिस पर अधिशाषी अधिकारी ने रिकॉर्ड देने से साफ मना कर दिया।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी का नाम लेते हुए कहा कि आप जांच का हिस्सा नहीं है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि जिलाधिकारी से बात करा दे। उनका जो आदेश होगा उसका के अक्षरशः पालन करूंगा।
उन्होंने यह भी कहा कि में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की हैसियत से जांच करने आया हूं। इसके बावजूद अधिशासी अधिकारी ने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए। इसके बाद वह कर अधिकारी के कक्ष में पहुंचे जो बंद मिला लेकिन कुछ समय में वह आ जाते है। वह अकाउंट अधिकारी भी है। उनसे चेक बुक और भुगतान के सभी सामग्री उपलब्ध कराने के लिए बोला।
उन्होंने कहा कि किसी दस्तावेज की स्क्रीनिंग नहीं हो सकती यह गोपनीय है। इस पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि जो दस्तावेज आरटीआई के दायरे में आते है उन सभी की रिकॉर्डिंग कराई जा सकती है ये नियम है।
ये भी नगर पालिका की कार्रवाई होगी उसमें पारदर्शिता रहे इस लिए रिकॉर्डिंग होगी। इसी बीच अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका से पीछे के दरवाजे से निकलकर गायब हो गए। मौका मिलते ही कर अधिकारी गणेश प्रसाद भी चुपके से बाहर निकल गए।
कर्मचारियों ने एक कमरे को अंदर से बंद कर दिया। काफी मशक्कत की लेकिन नहीं खोला गया। टीम के अन्य सदस्य मौजूद नहीं थे। उन्होंने दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक वह नगर पालिका में मौजूद थे।
सभी अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय से नदारत थे कुछ दस्तावेजों की स्क्रीनिंग कराई गई है लेकिन कुछ महत्वपूर्ण रिकॉर्ड ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को नहीं दिए गए जिसके लिए वो नगर पालिका में मौजूद है। समाचार लिखे जाने तक वह नगर पालिका में थे।


