बलरामपुर: अभ्युदय कोचिंग के विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र, नियमित अध्ययन और अनुशासन से मिलेगी मंजिल

उप्र के बलरामपुर जनपद के उतरौला के गांधी नगर में मुख्यमंत्री अभ्युदय (निशुल्क कोचिंग) योजना के अंतर्गत संचालित टाइनी टाट्स इंटर कॉलेज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

बलरामपुर: अभ्युदय कोचिंग के विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र, नियमित अध्ययन और अनुशासन से मिलेगी मंजिल
Published By- Diwaker Mishra

बलरामपुर से गुलाम नबी कुरैशी की रिपोर्ट  

बलरामपुर/जनमत न्यूज़। उप्र के बलरामपुर जनपद के उतरौला के गांधी नगर में मुख्यमंत्री अभ्युदय (निशुल्क कोचिंग) योजना के अंतर्गत संचालित टाइनी टाट्स इंटर कॉलेज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर जी.आर. प्रजापति ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए और लक्ष्य निर्धारित कर नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के डायरेक्टर सैफ अली, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोर्स के कोऑर्डिनेटर सचिन कुमार सिंह तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य मनीष कुमार सिंह ने डिप्टी डायरेक्टर जी.आर. प्रजापति का स्वागत किया और उन्हें मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डिप्टी डायरेक्टर समाज कल्याण विभाग जी.आर. प्रजापति ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में सफलता केवल अधिक घंटे पढ़ने से नहीं, बल्कि सही दिशा, नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से मिलती है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के अनुरूप समय-सारिणी बनाकर तैयारी करनी चाहिए और प्रतिदिन पढ़े गए विषयों का दोहराव भी करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पाठ्यक्रम को समझना और परीक्षा के पैटर्न के अनुरूप तैयारी करना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को सामान्य ज्ञान और समसामयिक घटनाओं पर लगातार नजर रखनी चाहिए। साथ ही विषयवार नोट्स तैयार करने, पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने तथा नियमित मॉक टेस्ट देने से परीक्षा के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि असफलता से निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानकर उनमें सुधार करना चाहिए। निरंतर मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के लिए कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन एवं शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।

कोचिंग में विद्यार्थियों को उनके लक्ष्य के अनुरूप सामान्य अध्ययन, सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाक्रम, गणितीय एवं तार्किक क्षमता, भाषा संबंधी विषयों तथा परीक्षा की आवश्यकता के अनुसार अन्य महत्वपूर्ण विषयों की तैयारी कराई जाती है।

इसके साथ ही विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के पाठ्यक्रम, परीक्षा पैटर्न, प्रश्नों के स्वरूप और समय प्रबंधन की जानकारी दी जाती है। अभ्यास प्रश्नों, मॉडल पेपर और मॉक टेस्ट के माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी का आकलन किया जाता है, ताकि वे वास्तविक परीक्षा के वातावरण के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।

विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों एवं अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से अध्ययन सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाने के साथ विद्यार्थियों की शंकाओं का समाधान भी किया जाता है।

संसाधनों की कमी प्रतिभा के आड़े नहीं आएगी

विद्यालय के डायरेक्टर सैफ अली ने कहा कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है, जो संसाधनों की कमी के कारण बेहतर कोचिंग से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि टाइनी टाट्स इंटर कॉलेज में विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और कोचिंग में नियमित उपस्थिति के साथ घर पर भी निर्धारित समय देकर अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए केवल कोचिंग पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थी को स्वयं भी लगातार मेहनत करनी होगी।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखते हुए प्रतिदिन की पढ़ाई का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। मोबाइल और अन्य अनावश्यक गतिविधियों में समय न गंवाकर अध्ययन, अभ्यास और पुनरावृत्ति पर ध्यान देना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने डिप्टी डायरेक्टर से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, समय प्रबंधन, विषयों के चयन और परीक्षा में सफलता की रणनीति से संबंधित जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने अधिकारियों एवं शिक्षकों के साथ संवाद भी किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोर्स के कोऑर्डिनेटर सचिन कुमार सिंह ने भी विद्यार्थियों को कोचिंग की शैक्षणिक गतिविधियों और नियमित अध्ययन के महत्व की जानकारी दी। प्रधानाचार्य मनीष कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर विद्यालय परिवार के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित अभ्युदय कोचिंग योजना के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें लक्ष्य के अनुरूप बेहतर तैयारी के लिए प्रेरित करना रहा।