उरई को स्मार्ट सिटी का दर्जा, शासन से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार; शहर के चहुंमुखी विकास की उम्मीद

उप्र के जालौन जिला मुख्यालय उरई शहर को शासन ने स्मार्ट सिटी में शामिल कर नगरवासियों को बड़ी सौगात दी है। इस फैसले से शहर की बुनियादी ढांचे की स्थिति सुधरने और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है।

उरई को स्मार्ट सिटी का दर्जा, शासन से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार; शहर के चहुंमुखी विकास की उम्मीद
Published By- Diwaker Mishra

उरई से सुनील शर्मा की रिपोर्ट 

उरई/जनमत न्यूज़। उप्र के जालौन जिला मुख्यालय उरई शहर को शासन ने स्मार्ट सिटी में शामिल कर नगरवासियों को बड़ी सौगात दी है। इस फैसले से शहर की बुनियादी ढांचे की स्थिति सुधरने और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है। उरई को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलने की सूचना के बाद नगरपालिका से आय-व्यय एवं परिसंपत्तियों का ब्यौरा भी मांगा गया है।

सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा ने विधानसभा में उरई को महानगरपालिका बनाने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद प्रमुख सचिव नगर निकाय की ओर से उरई को स्मार्ट सिटी में शामिल करने की कार्रवाई की गई, जिससे शहर को विकास के नए अवसर मिलेंगे।

जालौन जिले का प्रशासनिक मुख्यालय उरई है और बुंदेलखंड क्षेत्र का महत्वपूर्ण नगर है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर का चहुंमुखी विकास किया जाएगा। इसमें चौड़ी और शानदार सड़कें, व्यवस्थित यातायात, पार्किंग व्यवस्था, फुटपाथ तथा पार्कों का सौंदर्यीकरण शामिल होगा।

इसके अलावा मुहल्लों में कूड़ा निस्तारण की बेहतर व्यवस्था, खुले नालों को ढकना, प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना और बिजली की लाइनों को अंडरग्राउंड करने की योजना भी है।

अब शासन से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार है। माना जा रहा है कि स्मार्ट सिटी दर्जा मिलने से नगरपालिका के संसाधन और बजट बढ़ेंगे, जिससे लंबित विकास कार्य भी पूरे हो सकेंगे। नगरवासियों को उम्मीद है कि इससे शहर की साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।