पीलीभीत: नियमों को दरकिनार कर बेधड़क हो रहा है मिट्टी खनन, तहसील प्रशासन को नहीं है कोई चिंता

उप्र के पीलीभीत जनपद की की तहसील अमरिया में मिट्टी का खनन जोरों पर है। एक भट्टा मालिक ने कहा हमारे पास खनन करने की परमीशन है। हम बिना परमीशन के खनन नहीं करते।

पीलीभीत: नियमों को दरकिनार कर बेधड़क हो रहा है मिट्टी खनन, तहसील प्रशासन को नहीं है कोई चिंता
Published By- Diwaker Mishra

पीलीभीत से प्रेमदेव पाठक की रिपोर्ट

पीलीभीत/जनमत न्यूज़। उप्र के पीलीभीत जनपद की तहसील अमरिया में मिट्टी का खनन जोरों पर है। एक भट्टा मालिक ने कहा हमारे पास खनन करने की परमीशन है। हम बिना परमीशन के खनन नहीं करते।

अब इन महाशय को यह भी जानकारी होनी चाहिए कि खनन करने के कुछ सरकारी नियमों का भी पालन करना होता है लेकिन यह महाशय खनन के नियमों को दरकिनार करते हुए बेधड़क खनन कर रहे हैं।

जबकि जिलाधिकारी ने एसडीएम अमरिया मयंक गोस्वामी को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी भट्टा मालिको से मीटिंग कर खनन निर्देशो का पालन करते हुए खनन करने को कहें। किसी भी भट्टा मालिक ने नियमों का पालन किया है या नहीं यह जायजा लेने अमरिया एसडीएम मयंक गोस्वामी कभी अपने आफिस से बाहर नहीं गये।

दूसरी ओर  स्थानीय लोगों ने भट्टा मालिक पर आरोप लगाया है की ओवर लोड ट्रालियों के चलने से मिट्टी रास्ते पर गिर जाती है जो बाद में धूल बनकर खाने में, घर के बर्तनों में,साफ धुले कपड़ों में और सांस के साथ फेफड़ों में पहुंचती है। इससे हम लोग को अनेकों बीमारियो का सामना करना पड़ रहा है।

बरसात के दिनों में इन रास्तों पर चलना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा स्थानीय एक व्यक्ति ने मीडिया को बताया की यह भट्टा मालिक धूल से बचाव के लिए पानी के टैंकर से पानी का छिड़काव करते हैं जिससे रास्ते में फिसलन हो जाती है। जिसके कारण कुछ लोग फिसल कर गिर चुकें हैं।

वहीं एक बच्चे का हाथ टूट गया था और एक व्यक्ति का पैर टूट चुका है लेकिन तहसील प्रशासन को किसी की चिंता नहीं है। अब ऐसे में कोई शिकायत करें तो किससे यह बहुत बड़ा सवाल है। जब मीडिया ने इस खनन की जानकारी हल्का लेखपाल को दी तो उन्होंने कहा मैं भट्टा मालिक को समझा देता हूं। हल्का लेखपाल का कहना है कि हम जाकर भट्टा मालिक को समझाते हैं की नियमों का पालन करें।

मुख्य बिंदु

* खनन में प्रयुक्त वाहन पर नंबर प्लेट नहीं है

* सभी ट्रालियां ओवर लोड भर कर चलती है

* सभी ट्राली बिना ढके चल रही है

* धूल उड़ने से स्थानीय लोगों को  दिक्कत

* रास्ते में अधिक पानी छिड़काव से फिसलकर गिरने का भय

* भट्टा मालिक के खनन करने का समय लगभग 8 बजे तक