प्रतापगढ़: सपा ने गांधी-शास्त्री जयंती पर मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया पर उठाए सवाल, जांच कराने की मांग
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय, प्रतापगढ़ में दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
प्रतापगढ़ से विकास गुप्ता की रिपोर्ट
प्रतापगढ़/जनमत न्यूज़। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय, प्रतापगढ़ में दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई।
इसके बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल के निर्देश पर “लोकतंत्र बचाओ–वोट बचाओ–देश बचाओ” अभियान के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को रानीगंज विधायक डॉ. आर.के. वर्मा, पट्टी विधायक रामसिंह पटेल, पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह ‘मुन्ना यादव’ और जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी ने संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मताधिकार प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण संवैधानिक शक्ति है। मतदाता सूची में पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से हटने से उसके लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामलों की पारदर्शी जांच की मांग की।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR के दौरान विपक्षी विचारधारा से जुड़े मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में हटाए गए हैं। उन्होंने दिल्ली के चांदनी चौक, कालकाजी और बेला स्टेट से संबंधित मतदाता सूचियों का उदाहरण देते हुए इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए। नेताओं ने कहा कि वर्ष 2023 के CEC Act के तहत गठित चयन समिति में प्रधानमंत्री अध्यक्ष, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री सदस्य होते हैं। सपा नेताओं ने इस व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश की भूमिका समाप्त किए जाने पर आपत्ति जताई।
वक्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कानून और निर्धारित नियमों के तहत पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए। पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की स्थिति में उन्हें अपनी आपत्ति दर्ज कराने और अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
सपा नेताओं ने निर्वाचन आयोग से SIR के दौरान हटाए गए नामों की विधानसभा एवं बूथ स्तर पर जांच कराने, प्रभावित मतदाताओं को सुनवाई का अवसर देने और पूरी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पूरे सप्ताह लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन चलाएगी।
कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर मतदाता सूची की जांच, पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित कराने और मताधिकार के प्रति जागरूकता अभियान चलाएंगे। नेताओं ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।



