विकास कार्यों में गुणवत्ता व पारदर्शिता सर्वोपरि, पात्रों तक समयबद्ध पहुंचे योजनाओं का लाभ: प्रभारी मंत्री रामपुर
उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री तथा रामपुर जनपद के प्रभारी मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने शाहबाद तहसील सभागार में विकासपरक योजनाओं की समीक्षा की.
रामपुर से अभिषेक शर्मा की रिपोर्ट
रामपुर/जनमत न्यूज़। उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री तथा रामपुर जनपद के प्रभारी मंत्री श्री धर्मपाल सिंह ने शाहबाद तहसील सभागार में विकासपरक योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध रूप से पहुंचना चाहिए।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने स्वच्छता, पेयजल, खाद्य आपूर्ति, विद्युत, आवास, पेंशन, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय/अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को नगर पंचायत क्षेत्रों में ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त रखने, नालों की नियमित सफाई कराने तथा स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए।
मा. मंत्री ने कहा कि अधिकारी इस बात का ध्यान दें कि कहीं भी नाले खुले न रहें, उनके आसपास जाली लगाई जाए जिससे बरसात के मौसम में कोई अप्रिय घटना न हो।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को समय से राशन उपलब्ध कराया जाए तथा पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति भी निर्बाध रूप से सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभ उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी स्तर पर बिचौलियों की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रभारी मंत्री ने कृषि विभाग को निर्देशित किया कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए, जिससे कृषि कार्य में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि खेती के साथ पशुपालन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा गोबर की खाद के उपयोग से भूमि की उर्वराशक्ति भी बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए छह विभागों की समन्वित समिति गठित की गई है।
पशुओं का अधिक से अधिक बीमा कराने, ब्लॉक एवं जिला स्तर पर पशु मेलों का आयोजन करने तथा टीकाकरण अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश पशुधन मंत्री ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पशु टीकाकरण से वंचित न रहे।
उन्होंने निराश्रित गोवंश के संरक्षण, नस्ल सुधार, बकरी पालन, मुर्गी पालन तथा अन्य पशुधन विकास कार्यक्रमों को गति देने के निर्देश भी दिए। गौशालाओं में भूसा, चारा एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
वहीं ग्रामीण पेयजल योजनाओं की समीक्षा के दौरान जल निगम (ग्रामीण) के जेई को कार्य में रुचि न लेने और धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सुधार करने के निर्देश दिए तथा भविष्य में कार्य में लापरवाही बरतने पर उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की चेतावनी दी।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता एवं बुनियादी नागरिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सभी विभाग निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखें तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, जिससे जनपद में विकास कार्यों को नई गति मिल सके। उन्होंने कहा कि विकास और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।


