मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी पर उठे सवाल, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
यदि छापेमारी से पहले ही संबंधित पक्ष के लोग विभागीय अधिकारियों के संपर्क में थे, तो फिर ऐसी कार्रवाई कितनी गोपनीय और प्रभावी रही होगी।
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मुजफ्फरनगर से संजय कुमार की रिपोर्ट —
मुजफ्फरनगर/जनमत न्यूज l मुजफ्फरनगर में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शिफा अल्ट्रासाउंड सेंटर पर की गई छापेमारी की निष्पक्षता को लेकर गंभीर चर्चाएं शुरू हो गई हैं, क्योंकि कार्रवाई से पहले सामने आए एक वीडियो ने पूरे मामले को विवादित बना दिया है।
जानकारी के अनुसार, जिस समय स्वास्थ्य विभाग की टीम शिफा अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापेमारी के लिए रवाना हो रही थी, उसी दौरान सेंटर से जुड़ा एक जिम्मेदार व्यक्ति मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में मौजूद सीएमओ के स्टेनो दीपक कुमार के पास बैठा बातचीत करता नजर आया। यह दृश्य सामने आने के बाद लोगों ने कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि छापेमारी से पहले ही संबंधित पक्ष के लोग विभागीय अधिकारियों के संपर्क में थे, तो फिर ऐसी कार्रवाई कितनी गोपनीय और प्रभावी रही होगी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या छापेमारी की जानकारी पहले से लीक हुई थी और क्या विभागीय स्तर पर मिलीभगत जैसी स्थिति है।
फिलहाल जिला प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि वायरल वीडियो के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि विभाग इस मामले में क्या सफाई देता है और क्या निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो यह मामला विभागीय जवाबदेही और कार्रवाई की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न साबित हो सकता है।
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