रायबरेली: पति की हत्या का राज खुला तो पत्नी पर टिकी पुलिस की नजर, सामने आया सनसनीखेज मामला
उप्र के रायबरेली जनपद के सलोन कोतवाली क्षेत्र में झाड़ियों के बीच मिले सड़े-गले शव की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को करीब पखवाड़े भर का समय लग गया।
रायबरेली से महताब खान की रिपोर्ट
रायबरेली/जनमत न्यूज़। उप्र के रायबरेली जनपद के सलोन कोतवाली क्षेत्र में झाड़ियों के बीच मिले सड़े-गले शव की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को करीब पखवाड़े भर का समय लग गया।
शुरुआत में अज्ञात शव की पहचान से लेकर हत्या के कारण और हत्यारे तक पहुंचने में पुलिस के सामने कई सवाल खड़े थे। आखिरकार जांच की दिशा मृतक के घर तक पहुंची और पुलिस की पूछताछ में उसकी पत्नी पर हत्या का आरोप सामने आया।
मामला सलोन कोतवाली की सूंची चौकी क्षेत्र के पूरे देवी बक्श मजरे इटारा गांव का है। 13 जुलाई को गांव से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में एक युवक का शव पड़ा मिला था।
शव का चेहरा बुरी तरह सड़ चुका था, जिसके चलते तत्काल उसकी पहचान नहीं हो सकी। मृतक के परिजन भी शव को देखकर पहचान नहीं पाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पहचान के साथ हत्या की वजह तलाशने में जुट गई।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाने के साथ कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों को खंगाला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर चोट लगने की बात सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
करीब 15 दिनों तक चली पड़ताल के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी गीता देवी से पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान उसके बयानों में विरोधाभास सामने आया और बाद में उसने पति दिनेश सिंह की हत्या करने की बात स्वीकार की।
पुलिस पूछताछ में सामने आई कहानी के मुताबिक, दिनेश सिंह नशे का आदी था। किसी मामूली बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद हुआ। इसी दौरान गुस्से में गीता ने कथित तौर पर लकड़ी के मोटे डंडे से दिनेश के सिर पर वार कर दिया।
गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि इसके बाद शव को कुछ समय तक घर में छिपाकर रखा गया और दुर्गंध आने पर रात के अंधेरे में उसे झाड़ियों में ठिकाने लगा दिया गया।
जांच में उठे कई सवाल
पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई से एक निर्दोष व्यक्ति के फंसने की आशंका भी टल गई। हालांकि घटना को लेकर कई सवाल अभी भी चर्चा में हैं। ग्रामीणों के मुताबिक शव को घर से जंगल तक ले जाने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका हो सकती है।
सवाल यह भी है कि महिला अकेले शव को जंगल तक कैसे ले गई? मृतक के पास महिला का पर्स पहुंचने की बात भी जांच का विषय बनी हुई है।
वहीं शव के घर में छिपाए जाने की बात सच है तो इतने समय तक इसकी भनक आसपास के लोगों को क्यों नहीं लगी यह भी पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण बिंदु हो सकता है।
पुलिस ने मामले में आरोपी पत्नी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के खुलासे में इंस्पेक्टर बालेंद्र गौतम, चौकी प्रभारी रवि पवार और मुख्य आरक्षी दुन्नी लाल निगम समेत पुलिस टीम की भूमिका बताई जा रही है। अब पुलिस हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका और शव को ठिकाने लगाने से जुड़े सभी पहलुओं की भी जांच कर रही है।


