संभल में बारिश का कहर, मकान की दीवार गिरने से ग्रामीण घायल; प्रशासन से लगाई मदद की गुहार

उप्र के संभल जनपद में लगातार हो रही बारिश अब ग्रामीण इलाकों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। बारिश के बीच बबराला थाना क्षेत्र के पवारी गांव में एक मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई।

संभल में बारिश का कहर, मकान की दीवार गिरने से ग्रामीण घायल; प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
Published By- Diwaker Mishra

संभल से रामव्रेश यादव की रिपोर्ट  

संभल/जनमत न्यूज़। उप्र के संभल जनपद में लगातार हो रही बारिश अब ग्रामीण इलाकों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। बारिश के बीच बबराला थाना क्षेत्र के पवारी गांव में एक मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई।

हादसे के वक्त ग्रामीण मकान के अंदर सो रहा था। दीवार के मलबे में दबने से ग्रामीण घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर पहुंचे स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर घायल ग्रामीण को बाहर निकाला। परिजनों ने घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।

पूरा मामला संभल के बबराला थाना क्षेत्र के पवारी गांव की हैं, जहां लगातार हो रही बारिश के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि ग्रामीण विनोद पुत्र बनवारी अपने मकान में सो रहा था।

इसी दौरान अचानक मकान की दीवार भरभराकर गिर गई और विनोद मलबे के नीचे दब गया। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिना देर किए राहत और बचाव का काम शुरू किया और मलबे को हटाकर उसके नीचे दबे विनोद को बाहर निकाला।

हादसे में विनोद घायल हो गया, जिसके बाद परिवार के लोगों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, लगातार हो रही बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे और जर्जर मकानों पर खतरा बढ़ता जा रहा है।

पवारी गांव में हुए इस हादसे ने एक बार फिर बारिश के मौसम में ग्रामीण इलाकों में मकानों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल घायल विनोद का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।

वही, दूसरी जगह पर संभल के गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव गढ़िया में भी भारी बारिश के चलते एक गरीब परिवार का मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने से पीड़ित परिवार के सामने अब रहने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

बताया जा रहा है कि गांव गढ़िया निवासी नरेश पुत्र राम सिंह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। भारी बारिश के चलते उनका मकान अचानक गिर गया।

मकान गिरने के बाद परिवार के पास सिर छिपाने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। नरेश के परिवार में उनकी पत्नी रूबी देवी और चार बेटियां हैं। बेटियों में पिंकी की उम्र 9 वर्ष, अंजलि 6 वर्ष, ज्योति 3 वर्ष और खुशी महज 45 दिन की है।

मकान गिरने के बाद पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। पीड़ित परिवार का कहना है कि मेहनत-मजदूरी करके किसी तरह परिवार का गुजर-बसर कर रहे थे, लेकिन बारिश ने उनका आशियाना भी छीन लिया।

अब पीड़ित परिवार प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों से मदद की गुहार लगा रहा है, ताकि परिवार को रहने के लिए सुरक्षित स्थान और आवश्यक सहायता मिल सके।