पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तीन ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक, 28 लोगों के मारे जाने का दावा
पूर्वोत्तर अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा आज सोमवार को किए गए हवाई हमलों में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। लगभग तीन महीने की शांति के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक बार फिर तनाव भड़का दिया है।
काबुल/जनमत न्यूज़। पूर्वोत्तर अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा आज सोमवार को किए गए हवाई हमलों में कम से कम 28 लोगों की मौत हो गई। लगभग तीन महीने की शांति के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक बार फिर तनाव भड़का दिया है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि अफगानिस्तान में तीन ठिकानों पर हवाई हमलों में 28 आतंकवादी और आत्मघाती हमलावर मारे गए। पूर्व सहयोगियों के बीच इस साल फरवरी से ही संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं, जब दोनों के बीच पिछले कई वर्षों की सबसे भीषण झड़प हुई थी।
दोनों देशों के बीच विवाद का मुख्य कारण पाकिस्तान में पनप रहा चरमपंथ है। इस्लामाबाद का आरोप है कि काबुल उन चरमपंथियों को पनाह देता है जो अफगान सीमा से पाकिस्तान में घुसपैठ कर हमले करते हैं। वहीं, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती है और उसका कहना है कि चरमपंथ पाकिस्तान की अपनी आंतरिक समस्या है।
पुलिस ठिकाने पर हमले के बाद की गई कार्रवाई
सोमवार को हुए ये हवाई हमले उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान में एक पुलिस केंद्र पर हुए बड़े हमले के कुछ ही दिनों बाद हुए हैं, जिसमें कम से कम 16 लोग मारे गए थे। तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि पाकिस्तान के इन हवाई हमलों में कुनार प्रांत में कम से कम एक घर को निशाना बनाया गया, जिससे एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
उन्होंने आगे बताया कि पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में भी दो स्थानों पर बमबारी की गई, जिससे एक दुकान और एक खाली घर नष्ट हो गया। हालांकि, यहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इस मामले में पाकिस्तानी सेना की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पहले भी हो चुके हैं बड़े हमले
इससे पहले जुलाई में अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तान पर ड्रोन हमले किए थे। तब इस्लामाबाद ने दावा किया था कि उसकी सेना ने इन ड्रोनों को हवा में ही रोक कर मार गिराया। दोनों देशों के बीच इस साल की सबसे भीषण घटना मार्च में हुई थी, जब काबुल पर पाकिस्तान के हवाई हमले में 400 से अधिक लोग मारे गए थे।
अफगान तालिबान ने दावा किया था कि उस हमले में एक नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाया गया था। हालांकि, इस्लामाबाद ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा था कि उसने केवल सैन्य प्रतिष्ठानों और आतंकवादियों के बुनियादी ढांचे पर सटीक हमले किए थे।
सैन्य ताकत में भारी अंतर
लंदन स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज के आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान के पास एक विशाल और मजबूत वायु सेना है, जिसमें 422 लड़ाकू विमान और 260 से अधिक हेलीकॉप्टर शामिल हैं।
इसके विपरीत, अफगानिस्तान के पास कोई लड़ाकू विमान नहीं है, लेकिन माना जाता है कि उसके पास कम से कम छह विमान, 23 हेलीकॉप्टर और कुछ ड्रोन हैं। अफगानिस्तान पहले भी पाकिस्तान के साथ संघर्ष में इन ड्रोनों का इस्तेमाल कर चुका है।
दोनों देशों के बीच दोबारा भड़क सकता है संघर्ष
इस ताजा हमले से दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक बार फिर से युद्ध जैसे हालात पैदा होने का खतरा बढ़ गया है। गौरतलब है कि इससे पहले इसी साल फरवरी में भी पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर भारी तनाव और संघर्ष देखने को मिला था, जो पिछले कई सालों का सबसे बड़ा टकराव था।



