मिर्जापुर के गंगहर जंगल में तेंदुए ने पशुपालक पर किया हमला, महिला वाचर की बहादुरी से बची जान

उप्र के मिर्जापुर जनपद के हालिया वनरेंज के बबुरा रघुनाथ सिंह गांव के गंगहर जंगल में गुरुवार दोपहर एक पशुपालक पर तेंदुए ने हमला कर लहूलुहान कर दिया।

मिर्जापुर के गंगहर जंगल में तेंदुए ने पशुपालक पर किया हमला, महिला वाचर की बहादुरी से बची जान
Published By- Diwaker Mishra

मिर्जापुर से आनन्द तिवारी की रिपोर्ट 

मिर्जापुर/जनमत न्यूज़। उप्र के मिर्जापुर जनपद के हालिया वनरेंज के बबुरा रघुनाथ सिंह गांव के गंगहर जंगल में गुरुवार दोपहर एक पशुपालक पर तेंदुए ने हमला कर लहूलुहान कर दिया। करीब दस मिनट तक पशुपालक तेंदुए से जूझता रहा। मौके पर मौजूद महिला वन वाचर की हिम्मत से उसकी जान बच सकी।

बबुरा रघुनाथ सिंह गांव के सझिया बस्ती निवासी केवला शंकर उर्फ लड़ाका कोल दोपहर में भैंस चराने गए थे। भैंसों को चराने के बाद वे सुखनई नदी में पानी पिलाने ले गए। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने उन पर हमला बोल दिया।

पशुपालक की चीख-पुकार सुनकर बगल के प्लांटेशन में ड्यूटी पर तैनात महिला वाचर श्याम देई हाथ में लाठी लेकर शोर मचाते हुए दौड़ी। महिला वाचर के हल्ला-गुल्ला करने पर तेंदुआ पशुपालक को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।

इसके बाद पास में बकरी चरा रहे सियाराम पाल और ग्रामीणों की मदद से घायल को चारपाई पर लिटाकर घर पहुंचाया गया।हमले में पशुपालक के जांघ, पेट, हाथ और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं।

सूचना पर ग्राम प्रशासक पति पुंडरीक सिंह मोनू ने मौके पर पहुंचकर निजी साधन से घायल को पीएचसी हलिया भिजवाया। जहां चिकित्सक रीना सिंह ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया।

सूचना पर एसआई गुलाब सोनकर, वन दारोगा अखिलेश्वर दुबे, कुमार कार्तिकेय, वनकर्मी रामसजीवन वर्मा ने ग्रामीणों के साथ घटनास्थल का जायजा लिया। वन दारोगा कुमार कार्तिकेय ने बताया कि मौके पर मिले पदचिह्न तेंदुआ का ही हैं।