लखनऊ व्यापार मंडल में अमिताभ श्रीवास्तव की घर वापसी, सैकड़ों व्यापारियों ने ली संगठन की सदस्यता

व्यापारी देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन विभिन्न विभागों की जटिल प्रक्रियाओं, नोटिसों और प्रशासनिक समस्याओं के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

लखनऊ व्यापार मंडल में अमिताभ श्रीवास्तव की घर वापसी, सैकड़ों व्यापारियों ने ली संगठन की सदस्यता
PUBLISHED BY MANOJ KUMAR

लखनऊ से शैलेन्द्र शर्मा की रिपोर्ट —

लखनऊ/जनमत न्यूज। राजधानी के भूतनाथ स्थित वेवियन रेस्टोरेंट में मंगलवार को ट्रांसगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता के नेतृत्व में आयोजित समारोह में वरिष्ठ व्यापारी नेता अमिताभ श्रीवास्तव के साथ कई व्यापारियों ने लखनऊ व्यापार मंडल में पुनः वापसी की। इस अवसर पर अमिताभ श्रीवास्तव, दीपक चौहान, संतोष त्रिपाठी और आशीष शर्मा का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में अमिताभ श्रीवास्तव के साथ दीपक चौहान, संतोष त्रिपाठी, कृष्णवीर सिंह, आशीष शर्मा, गौतम सिंह, सूरज यादव, अक्षय जायसवाल, अनुज सिन्हा, सुशील श्रीवास्तव, रजनीश टोडरिया, अभिषेक राय, धर्मेंद्र तिवारी, सिद्धार्थ जैन, शशि प्रताप सिसोदिया, राहुल शर्मा, मनोज सिंह, शुभम पांडेय, सुधीर कुमार, अभिजीत सिंह, हेमेंद्र सिंह, विशाल चौहान, मनु शुक्ला, दीपक शुक्ला, विक्की दयालानी, निखिल विशनानी, अमन बक्शी, निखिल तोलानी, तरुण वाधवानी, दीपक अग्रवाल, गौरव बाजपेई, रोहित राठौर, शिवम पटेल, विशाल अग्निहोत्री एवं शिवमूरत सहित सैकड़ों व्यापारियों ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की।

एकजुटता को बताया व्यापारियों की सबसे बड़ी ताकत

अमिताभ श्रीवास्तव ने कहा कि लखनऊ व्यापार मंडल लंबे समय से व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन की एकजुटता ही व्यापारियों की सबसे बड़ी शक्ति है। सभी व्यापारियों को एक मंच पर आकर अपने अधिकारों और समस्याओं के समाधान के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए।

ट्रांसगोमती अध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने अमिताभ श्रीवास्तव की वापसी का स्वागत करते हुए कहा कि इससे संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। उन्होंने यूपीआई लेन-देन पर किसी भी प्रकार का शुल्क लगाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इससे व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से डिजिटल भुगतान को पूरी तरह निःशुल्क बनाए रखने की मांग की।

लालफीताशाही और व्यापारियों की समस्याओं पर उठी आवाज

अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव संगठन के लिए परिवार के सदस्य की तरह हैं और उनकी वापसी से संगठन और मजबूत हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में लालफीताशाही तथा कुछ विभागों के अधिकारियों की कार्यप्रणाली से व्यापारी परेशान हैं।

उन्होंने नगर निगम की जियो टैगिंग, शहर में अतिक्रमण और ई-रिक्शा संचालन को लेकर स्पष्ट नीति के अभाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का सीधा असर बाजारों के व्यापार और यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की बात कही।

वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि व्यापारियों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बाजारों के व्यापारियों से संगठन से जुड़कर इसे और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

वरिष्ठ महामंत्री उमेश शर्मा ने कहा कि अमिताभ श्रीवास्तव के अनुभव और व्यापारियों के बीच उनके जनाधार से संगठन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी सक्रिय सहभागिता से बड़ी संख्या में अन्य व्यापारी भी संगठन से जुड़ेंगे।

कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी ने कहा कि व्यापारी देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन विभिन्न विभागों की जटिल प्रक्रियाओं, नोटिसों और प्रशासनिक समस्याओं के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए संगठन की ओर से संघर्ष जारी रखने की बात कही।

बाजार में निकाला जुलूस

कार्यक्रम के बाद व्यापारियों ने जुलूस के रूप में बाजार का भ्रमण किया। इस दौरान संगठन की एकजुटता और व्यापारी हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर उत्साह देखने को मिला। अंत में उपस्थित व्यापारियों ने लखनऊ व्यापार मंडल को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने तथा व्यापारी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में उत्तम कपूर, जिला महामंत्री अरविंद पाठक, नितिन जैन, अभिषेक सिंह चौहान, सतनाम सिंह, मनीष वर्मा, अभिषेक गुप्ता, चिराग जाखोड़िया, ऋषि मेहरा, रिक्कू यादव एवं विशाल चौरसिया सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।